वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को विकासशील देशों के प्रति पारदर्शी और निष्पक्ष होना चाहिए: सीईए
नई दिल्ली, 22 दिसंबर (आईएएनएस)। फिच, मूडीज और एसएंडपी जैसी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को अपनी सॉवरेन रेटिंग प्रक्रिया में सुधार करने की जरूरत है, जो भारत जैसे विकासशील देशों के खिलाफ भारी है, इसके परिणामस्वरूप अतिरिक्त फंडिंग लागत अरबों डॉलर में चल रही है। यह बात सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार, वी अनंत नागेश्वरन ने कही है।