वजन घटाना है तो बच्चे बन जाएं! सिर्फ तीन आदतों से दिखने लगेगा बदलाव

IANS | March 29, 2025 1:14 PM

नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। मौसम करवट ले रहा है। सर्दी हमें बाय कह चुकी है और गर्मियां बाहें फैलाकर स्वागत कर रही हैं। मौसम के बदले मिजाज के साथ ही हमें अपनी कुछ आदतों पर भी विराम लगाना चाहिए। एक ऐसा डाइट प्लान बनाना चाहिए जो सेहत के लिए परफेक्ट हो। सेहत भी ठीक रहे और वजन भी न बढ़े।

‘नागफनी’ के इन चमत्कारिक लाभों से नहीं होंगे वाकिफ, खांसी और पेट समेत इन बीमारियों में है फायदेमंद

IANS | March 29, 2025 10:45 AM

नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। प्रकृति का चमत्कार ही है, जो धरती पर सदियों से ऐसे पेड़-पौधे पाए जाते हैं, जिनका आयुर्वेद में इस्तेमाल होता आ रहा है। इन्हीं में से एक है ‘नागफनी’, जो दिखने में तो कांटेदार पौधा है, मगर गुणों की खान होता है। इसके कांटे समस्याओं को दूर भगाने में कारगर साबित होते हैं। यह न सिर्फ प्रकृति का एक चमत्कार है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है।

स्वास्थ्य के लिए वरदान है त्रिफला, पाचन से लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता तक का बेहतर साधन

IANS | March 28, 2025 9:37 AM

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद में त्रिफला को एक महत्वपूर्ण औषधि माना गया है, जो तीन फलों- आंवला, हरड़, और बहेड़ा को मिलाकर बनता है। त्रिफला अपने विविध स्वास्थ्य लाभों के लिए प्रसिद्ध है और प्राचीन काल से विभिन्न रोगों के उपचार में उपयोग होता आ रहा है।

बस मुट्ठी भर पीकन नट्स रखेगा दिल का ख्याल, दावा 2 औंस से बनेगी बात

IANS | March 27, 2025 9:56 AM

नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। दिखने में ये अखरोट जैसा होता है। इसका शेल बाहर से गोल्डन ब्राउन होता है और अंदर से यह नट्स बेज रंग के होते हैं। अन्य नट्स के मुकाबले इसमें 70 प्रतिशत अधिक फैट होता है। भारत में इसे भिदुरकाष्ठ फल भी कहा जाता है, जो मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में उगाए जाते हैं। एक शोध में दावा किया गया है कि रोज 2 औंस यानी एक मुट्ठी पीकन नट्स खाने से कई समस्याओं पर लगाम लगाई जा सकती है।

कमजोरी, जुकाम-खांसी समेत इन दिक्कतों को दूर करने में कारगर है ‘च्यवनप्राश’

IANS | March 25, 2025 12:42 PM

नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। अगर ‘च्यवनप्राश’ को आयुर्वेद की एक प्राचीन और विश्वसनीय औषधि कहा जाए, तो ऐसा कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। भारत के घरों में हजारों वर्षों से ‘च्यवनप्राश’ का इस्तेमाल होता आ रहा है। इसे न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है, बल्कि यह तंदुरुस्ती का भी पर्याय रही है। इसके फायदे न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देते हैं। आइए जानते हैं ‘च्यवनप्राश’ से जुड़े फायदों के बारे में, जिसकी वजह से आज भी इसे सेहत के लिए रामबाण माना गया है।

विश्व की सबसे पुरानी दाल, जिसमें पेट के पत्थरों को भी गला देने की है क्षमता

IANS | March 25, 2025 9:50 AM

नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी दाल है, जिसमें शरीर में तकलीफ बढ़ाने वाली पथरी को भी गलाने का माद्दा है? यह दाल न केवल पोषक तत्वों से भरपूर है, बल्कि इसका इतिहास भी हजारों साल पुराना है। आयुर्वेद में इसे एक अद्भुत औषधि के रूप में मान्यता प्राप्त है। तो क्या आप जानना चाहेंगे कि यह रहस्यमयी दाल कौन सी है, जो समय के साथ हमारी सेहत के लिए इतनी फायदेमंद साबित हुई? उसका नाम है कुल्थी।

प्रकृति का अनोखा खजाना ‘कचनार’, बीमारियों से लड़ने में कारगर

IANS | March 24, 2025 11:00 AM

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। ‘कचनार’ को अगर प्रकृति का अनोखा खजाना कहा जाए तो ऐसा कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। इसमें ऐसे अनगिनत फायदे छिपे हैं, जो जोड़ों के दर्द से लेकर थायराइड, गांठों की समस्या से लेकर पेट के पाचन को दुरुस्त करने तक ‘कचनार’ का जादू हर बीमारी पर असर दिखाता है। आइए जानते हैं इससे जुड़े फायदों के बारे में।

डेंटल ही नहीं ‘ब्रेन फ्लॉसिंग’ भी जरूरी, तनाव को कम रखने में मददगार

IANS | March 23, 2025 2:20 PM

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। ब्रेन फ्लॉसिंग काफी ट्रेंड में है। डेंटल फ्लॉसिंग में हम जहां ओरल हेल्थ का ख्याल रखते हैं, वहीं ब्रेन फ्लॉसिंग में दिमाग में जो गंदगी रूपी तनाव है या मानसिक दबाव है, उसे निकाल फेंकते हैं। जब से हम वर्चुअल दुनिया के करीब आए हैं, तब से दिमाग कई चीजों को बुनने लगा है। शारीरिक से ज्यादा मानसिक श्रम में ज्यादा ध्यान देने लगे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसे में ब्रेन फ्लॉसिंग तनाव मुक्त होने का अच्छा टूल हो सकता है।

कीड़े जैसी दिखने वाली 'कीड़ा जड़ी' कई रोगों के लिए काल समान, कीमत सुन हो जाएंगे हैरान!

IANS | March 23, 2025 12:27 PM

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। कीड़ा जड़ी एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो पारंपरिक चिकित्सा में लंबे समय से उपयोग में लाई जा रही है। यह मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों और तिब्बत में पाई जाती है। इसे "हिमालय की अद्भुत जड़ी-बूटी" भी कहा जाता है। कीड़ा जड़ी को स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विभिन्न समस्याओं के समाधान के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसके फायदे काफी हैं, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है।

सूखी या बलगम वाली खांसी में रामबाण इलाज कांटेदार पौधा भटकटैया, काढ़ा देता है झट से आराम

IANS | March 23, 2025 11:42 AM

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। ‘जे मुंह से श्रापे, उ मुंह में कांटा धंसे, हमरे भाई क उमर बढ़े...’ ये वही पंक्तियां है जब बहनें भटकटैया के कांटे को भाईदूज (पर्व) के मौके पर अपने जीभ में चुभोकर बोलती हैं। केवल पर्व ही नहीं आयुर्वेद में भी भटकटैया का बहुत महत्व है। आज जानने की बारी है रेंगनी के बारे में जिसके इस्तेमाल से रोग-व्याधी कोसो दूर चले जाते हैं।