नवरात्रि विशेष : दो घड़ी में बदल जाएगी किस्मत, अष्टमी और नवमी में विशेष महत्व
कोलकाता, 30 सितंबर (आईएएनएस)। शारदीय दुर्गोत्सव का एक प्रमुख अनुष्ठान है संधि पूजा। यह पूजा विशेष रूप से अष्टमी और नवमी तिथियों के बीच के संधिकाल में की जाती है। संधि पूजा का समय कुल 48 मिनट का होता है, जो अष्टमी तिथि के अंतिम 24 मिनट और नवमी तिथि के पहले 24 मिनट मिलाकर बनता है।