खुद के खिलाफ होना 'प्रज्ञापराध', आयुर्वेद ने जो सदियों पहले सिखाया जानें उसे लेकर क्या कहता है आज का विज्ञान!
नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। बाहर से सब कुछ सही दिखता है—अच्छा करियर, सोशल प्लेटफॉर्म पर मुस्कुराती तस्वीरें, और ढेर सारी उपलब्धियां। लेकिन अंदर कुछ तो ऐसा है जो टूटता सा महसूस होता है। कई लोग आज मानसिक और शारीरिक रूप से इतने थक चुके हैं कि उनकी नसें जवाब दे रही हैं। आधुनिक भाषा में इसे 'बर्नआउट' कहते हैं, तो हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद 'प्रज्ञापराध' यानी बुद्धि का अपराध।