स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को 16,000 एमएसएमई बना रहे सशक्त, देश की रक्षा आत्मनिर्भरता में निभा रहे अहम भूमिका
नई दिल्ली, 20 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के अनुसार, भारत के 'रणनीतिक सहयोग' और साहसिक 'नीतिगत पहलें' सुधारों से बढ़कर रक्षा आत्मनिर्भरता एवं तकनीकी संप्रभुता के एक नए युग की नींव रख रहे हैं। घरेलू उत्पादन और निर्यात में निरंतर वृद्धि के साथ कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम में तेजी से इंटीग्रेशन भारत की प्रगति को दिखाते हैं। भारत के ग्लोबल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब का विजन अब एक साकार होती हकीकत बन रही है।