भारत-ओमान सीईपीए से दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती, निर्यात और निवेश को मिलेगा बढ़ावा: पीयूष गोयल

भारत-ओमान सीईपीए से दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती, निर्यात और निवेश को मिलेगा बढ़ावा: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। भारत और ओमान के बीच हुआ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (कंप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट-सीईपीए) सोमवार से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस महत्वपूर्ण व्यापार समझौते के लागू होने के साथ ही दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारत और ओमान के बीच सदियों पुराने भरोसे, मित्रता और साझेदारी का नया अध्याय बताया।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और ओमान का संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों वर्षों पुरानी सभ्यतागत साझेदारी पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अरब सागर जोड़ता है और 5,000 वर्षों से दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जब आधुनिक व्यापारिक व्यवस्थाएं और शुल्क प्रणाली अस्तित्व में नहीं थीं, तब भी गुजरात के व्यापारी मस्कट तक भारतीय वस्तुएं पहुंचाते थे।

उन्होंने कहा कि सीईपीए केवल एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच विश्वास, मित्रता और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओमान यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिली। इस दौरान ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने प्रधानमंत्री मोदी को ओमान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओमान, फर्स्ट क्लास' से सम्मानित किया था। गोयल ने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री मोदी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।

उन्होंने ओमान के लोगों और वहां की सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीढ़ियों से ओमान ने भारतीय समुदाय का अपने परिवार के सदस्य की तरह स्वागत किया है। वर्तमान में लगभग 7 लाख भारतीय मूल के लोग ओमान में रह रहे हैं और वहां की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के 32 देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया जाना उनके वैश्विक नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों से लेकर ग्लोबल साउथ तक प्रधानमंत्री मोदी संवाद, कूटनीति और शांति के समर्थक नेता के रूप में सम्मानित किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सीईपीए लागू होने के पहले ही दिन से भारत को ओमान की 98 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच मिल जाएगी, जिससे भारत के 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह समझौता भारतीय उत्पादों को ओमान के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।

गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मस्कट में इस समझौते को दोनों देशों के साझा भविष्य का खाका बताया था और अब यह खाका वास्तविकता का रूप ले रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि समझौते के लागू होते ही भारत के विभिन्न हिस्सों से 10 से अधिक निर्यात खेपें रियायती शुल्क व्यवस्था के तहत ओमान भेजी जा चुकी हैं।

इससे पहले भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीयूष गोयल ने सीईपीए को प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया, जिसके तहत भारत के छात्रों, कारीगरों, महिलाओं, किसानों, मछुआरों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए वैश्विक अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह समझौता नए बाजारों तक पहुंच, निर्यात में वृद्धि, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही भारतीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।

--आईएएनएस

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