कोलकाता, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा सांसद और पश्चिम बंगाल चुनाव में पार्टी के सह-प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने बुधवार को आईएएनएस से विशेष बातचीत में राज्य में भाजपा की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत तय है।
बिप्लब कुमार देब ने भवानीपुर सीट का जिक्र करते हुए कहा, "जनता तय करेगी कि भवानीपुर में किसकी जीत होगी। लेकिन इतिहास गवाह है कि 2021 के चुनाव में भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सीट नहीं बचा पाई थीं। वे नंदीग्राम से चुनाव लड़ीं, जहां से सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें हराया था। उस इतिहास को अब दोहराया जाएगा। उनका पत्ता 2021 में ही ईश्वर और जनता ने काट दिया था। उसके बाद वे पिछले दरवाजे से मुख्यमंत्री बनीं। असली चुनाव में वे हार चुकी हैं। अब इस पर ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है।"
सांसद ने कहा कि पूरी भाजपा एक दिशा में काम कर रही है। इस बार बंगाल का चुनाव जनता लड़ रही है और भाजपा उनका साथ दे रही है। जनता की भावना को आदर और सम्मान देने की दिशा में हम काम कर रहे हैं। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सभी मिलकर एक ही लक्ष्य के लिए काम कर रहे हैं। कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता, सिर्फ काम होता है।"
यूसीसी के मुद्दे पर बिप्लब देब ने कहा कि बंगाल के लिए समान नागरिक संहिता बेहद जरूरी है। 1951 में बंगाल में मुस्लिम आबादी मात्र 19 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 29 प्रतिशत हो गई है। वहीं हिंदुओं की संख्या लगातार गिर रही है। कई जिलों में मुस्लिम समुदाय की आबादी बहुत तेजी से बढ़ी है। इसके बाद उनकी सोच, स्वभाव और कार्यशैली किस दिशा में जाती है, यह किसी से छिपा नहीं है। कई जगहों पर आईएसआई के ट्रेनिंग कैंप मिले हैं और कुछ मुस्लिम संगठन देश के खिलाफ काम करते पाए गए हैं।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा, "जब पाकिस्तानी आतंकवादी पकड़े जाते हैं तो उनका आधार कार्ड कोलकाता, कांथी या 24 परगना जैसे इलाकों का निकलता है। बंगाल के लोग ऐसा बंगाल नहीं चाहते। हमने देश को सुरक्षित रखने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे कदम उठाए हैं। मैं बंगाल की जनता को अच्छी तरह जानता हूं। देश के 60 प्रतिशत स्वतंत्रता सेनानी बंगाल से निकले हैं। बंगाल की तासीर हमेशा से राष्ट्रीय हित में रही है। कोई बंगाल के इतिहास को बदल नहीं सकता।"
उन्होंने सामाजिक सुधारकों का जिक्र करते हुए कहा, "ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने विधवा विवाह की शुरुआत सिर्फ बंगाल के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए की थी। राजा राममोहन राय ने सती प्रथा को बंद करने का काम पूरे देश के लिए किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नारा ‘दिल्ली चलो’ और ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ पूरे देश के लिए था। रवींद्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने राष्ट्रगीत दिया। इनमें हमारी पूरी संस्कृति और परंपरा समाहित है। लेकिन टीएमसी नया इतिहास बनाने की कोशिश कर रही है, जिससे उनका पतन निश्चित है।"
आई-पैक मामले पर सांसद ने कहा, "आई-पैक का दफ्तर बंद होगा या खुलेगा, यह मेरा काम नहीं है। यह एक प्राइवेट कंपनी है। मेरा काम अपनी पार्टी का काम करना है और जनता जो चाहती है, उनके दिशा-निर्देश के अनुसार काम करना है।"
ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बिप्लब देब ने कहा, "दोनों वंशवाद और निजी फायदे की राजनीति करते हैं। बंगाल में वंशवाद की राजनीति नहीं चलेगी। हम धमकियों से नहीं डरते। जिसने धमकी दी, इतिहास उसका परिणाम देख चुका है। ममता बनर्जी कम्युनिस्टों की फोटोकॉपी हैं। उनका स्वभाव संविधान का विरोध करना है। अब लोग इससे मुक्त होना चाहते हैं। बंगाल की जनता ने तय कर लिया है कि यहां भाजपा को लाना है। बंगाल की जनता की जीत सुनिश्चित है।"
भाजपा सांसद ने कहा कि पार्टी पूरी ताकत से चुनावी मैदान में है। युवा, महिलाएं और हर वर्ग भाजपा के साथ जुड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विकास, सुरक्षा, समानता और सांस्कृतिक गौरव की राजनीति भाजपा कर रही है, जबकि टीएमसी भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और हिंसा की राजनीति पर अड़ी हुई है। बंगाल हमेशा से राष्ट्र निर्माण में अग्रणी रहा है। अब समय आ गया है कि बंगाल फिर से अपनी सही दिशा पाए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस बदलाव का हिस्सा बनें और एक नया बंगाल बनाने में योगदान दें।
--आईएएनएस
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