इटली में इंडियन एंबेसी ने भारतीय नागरिक के साथ दुर्व्यवहार वाले वीडियो को बताया झूठा और मनगढ़ंत

इटली में इंडियन एंबेसी ने भारतीय नागरिक के साथ दुर्व्यवहार वाले वीडियो को बताया झूठा और मनगढ़ंत

रोम, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। इटली में रहने वाले एक भारतीय नागरिक का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने भारतीय दूतावास के अधिकारियों पर परेशान करने का आरोप लगाया। हालांकि, इटली में भारतीय दूतावास ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया और इसे झूठा और मनगढ़ंत बताया।

इटली में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हमने एक भारतीय नागरिक का बनाया हुआ वीडियो देखा है। उसके दावे झूठे और मनगढ़ंत हैं। वह दूतावास आया था और हम उससे मिलने के लिए तैयार थे, लेकिन उसने अपनी पहचान/पासपोर्ट दिखाने से मना कर दिया। हम दूतावास में आने वाले विजिटर्स के लिए कुछ स्टैंडर्ड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल फॉलो करते हैं। दूतावास भारतीय नागरिकों को हर मुमकिन मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम भारतीय समुदाय के सभी सदस्यों तक रेगुलर पहुंचते हैं।"

वायरल क्लिप में जब अधिकारी उससे बात करने की कोशिश करते हैं, आदमी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मुझे मत छुओ, यह तुम्हारी गली नहीं है। तुम भारत में नहीं हो।”

शख्स ने यह भी आरोप लगाया कि दूतावास के अधिकारी ने उसे वीडियो डिलीट करने के लिए कहा, हालांकि उसने वीडियो डिलीट करने से सीधा मना कर दिया। शख्स ने कहा कि ये वीडियो दूतावास के बाहर बिना किसी उल्लंघन के बनाया गया है।

द क्लाइमेट वॉकर नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से जयदीप लखनिया ने दो वीडियो पोस्ट किए हैं। पहले पोस्ट में जयदीप लखनिया ने कहा, "मैं हर भारतीय दूतावास या भारत सरकार की बात नहीं कर रहा हूं। मैं रोम, इटली में भारतीय दूतावास के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा कर रहा हूं। मैं अभी क्लाइमेट अवेयरनेस के लिए माल्टा से भारत तक पैदल जा रहा हूं। 1,503 किलोमीटर चलने के बाद मैं एंबेसी पहुंचा क्योंकि वे हर देश में हमारे आधिकारिक प्रतिनिधि होते हैं। मेरे और मेरे मिशन के लिए हमारे अधिकारियों से मिलना जरूरी है। आखिर, मैं एक भारतीय नागरिक हूं जो दुनियाभर में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पैदल चल रहा है।"

उन्होंने आगे कहा कि रोम में भारतीय दूतावास ने चार महीने तक कोई जवाब नहीं दिया और आप उनका व्यवहार देख सकते हैं कि जब मैं वीडियो में शांति से अपना अनुभव साझा कर रहा था तो उन्होंने मेरे साथ कैसा बर्ताव किया। फिर वे आए और बहुत कुछ हुआ।

एक अन्य पोस्ट में क्लाइमेट वॉकर ने कहा, मैं दूतावास किसी से मिलने नहीं गया था। मैं चार महीने से अपॉइंटमेंट मांग रहा था, लेकिन उन्होंने नहीं दिया। इसलिए मैंने घंटी नहीं बजाई और न ही उन्हें बिल्कुल परेशान किया। मैं वहां सिर्फ दूतावास के बाहर से एक फोटो लेने गया था ताकि मेरे पास सबूत हो कि मैं वहां था। यह किसी भी मिशन के लिए एक आधिकारिक पॉइंट है क्योंकि वे हमें रिप्रेजेंट कर रहे हैं।

जयदीप लखनिया ने आगे बताया कि मैं वहां गया, एक फोटो ली और फिर मैं सड़क पर एक वीडियो शूट कर रहा था, अपने अनुभव के बारे में बात कर रहा था लेकिन अचानक, यह ऑफिसर आया और मुझसे बदतमीजी से कई सवाल पूछे और फिर मैंने वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया क्योंकि मुझे लगा कि यह सही नहीं है। सबसे पहले, उन्होंने अपॉइंटमेंट नहीं दिया, ठीक है। उन्होंने बिल्कुल भी जवाब नहीं दिया। मैं उन्हें परेशान नहीं कर रहा था। मैं बस सड़क पर अपना वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था, लेकिन फिर भी उन्होंने हमारे साथ ऐसा बर्ताव किया। इसलिए मुझे यह शेयर करना है।

--आईएएनएस

केके/वीसी