नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह रविवार को नई दिल्ली के आरके पुरम स्थित अयप्पा मंदिर परिसर में नवनिर्मित 'सबरीसम' भवन का उद्घाटन करेंगे।
उद्घाटन समारोह शाम 5:30 बजे शुरू होगा। इस अवसर पर गृह मंत्री शाह औपचारिक रूप से इस भवन को भक्तों और मंदिर समुदाय को समर्पित करेंगे।
मंदिर के बुनियादी ढांचे का विस्तार करने तथा उसकी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस नई सुविधा का निर्माण किया गया है।
मंदिर अधिकारियों का कहना है कि 'सबरीसम' भवन वर्षभर आयोजित होने वाले आध्यात्मिक समारोहों, सामुदायिक कार्यक्रमों, धर्मार्थ पहलों और विभिन्न धार्मिक आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
'सबरीसम' भवन के उद्घाटन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल नई दिल्ली में अयप्पा मंदिर परिसर में नवनिर्मित 'सबरीसम' भवन का उद्घाटन करेंगे।"
आरके पुरम स्थित अयप्पा मंदिर को उत्तर भारत में भगवान अयप्पा के प्रमुख मंदिरों में से एक माना जाता है। वर्ष 1980 में स्थापित यह मंदिर अपनी पारंपरिक केरल शैली की वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यह दिल्ली और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। समय के साथ यह राष्ट्रीय राजधानी में मलयाली समुदाय और भगवान अयप्पा के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है।
मंदिर में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान, भजन, विशेष पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सामुदायिक सेवा से जुड़े कार्य आयोजित किए जाते हैं। इसकी भूमिका केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है। यहां ऐसी अनेक पहल भी संचालित की जाती हैं, जिनका उद्देश्य श्रद्धालुओं के बीच सामाजिक कल्याण और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
'सबरीसम' भवन के उद्घाटन से मंदिर परिसर में उपलब्ध सुविधाओं के और बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त स्थान भी उपलब्ध होगा। मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि नया इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रमों में बढ़ती भागीदारी को समायोजित करने और मंदिर की विस्तारित सामुदायिक पहुंच संबंधी गतिविधियों को मजबूत करने में सहायक होगा।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तों और मंदिर समुदाय के सदस्यों के शामिल होने की संभावना है। इसे दिल्ली के प्रमुख अयप्पा मंदिरों में से एक के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
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