गुवाहाटी, 4 मई (आईएएनएस)। असम विधानसभा चुनाव का परिणाम सामने आ चुका है और गोलाघाट जिले की बोकाखाट विधानसभा सीट असम गण परिषद (एजीपी) के खाते में गई है। यहां से लगातार तीसरी बार अतुल बोरा ने जीत दर्ज की है। उन्होंने 80987 वोट हासिल करके राइजोर दल के हरि प्रसाद सैकिया को 60537 वोटों के बड़े अंतर से हराया है।
यह सीट असम की उन अहम सीटों में गिनी जाती है, जहां राजनीतिक मुकाबले के साथ पर्यटन, पर्यावरण और क्षेत्रीय पहचान भी चुनावी चर्चा का हिस्सा रहते हैं। 2023 के परिसीमन के बाद यह सीट काजीरंगा लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले 10 विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हो गई। पहले यह इलाका कालियाबोर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा था, जिसका नाम बदलकर काजीरंगा किया गया।
बोकाखाट शहर को काजीरंगा नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार माना जाता है। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल काजीरंगा अपने एक सींग वाले गैंडों और समृद्ध जैव विविधता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यही वजह है कि बोकाखाट सीट सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि पर्यटन और पारिस्थितिकी के लिहाज से भी खास महत्व रखती है।
1962 में अस्तित्व में आने के बाद से बोकाखाट सीट पर अब तक 14 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। शुरुआती दौर में कांग्रेस ने लगातार पांच चुनाव जीतकर मजबूत पकड़ बनाई थी। कुल मिलाकर कांग्रेस ने इस सीट पर आठ बार जीत दर्ज की है। इसके अलावा तीन बार निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि असम गण परिषद (एजीपी) ने तीन बार लगातार जीत हासिल की।
2011 का चुनाव कांग्रेस के अरुण फुकन ने जीता था। उन्होंने दो बार के निर्दलीय विजेता जितेन गोगोई को सिर्फ 1,729 वोटों से हराया था। लेकिन 2016 में तस्वीर बदल गई। एजीपी अध्यक्ष अतुल बोरा ने भाजपा गठबंधन के समर्थन से कांग्रेस से सीट छीन ली और 40,193 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
2021 में भी अतुल बोरा ने अपना दबदबा कायम रखा और निर्दलीय उम्मीदवार प्रणब डोले को 45,181 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार विधायक बने।
बोकाखाट क्षेत्र में लोकसभा चुनावों के मतदान रुझान भी भाजपा-एजीपी गठबंधन की मजबूती दिखाते हैं।
2009 में कांग्रेस ने एजीपी को 15,192 वोटों से हराया था। 2014 में भाजपा ने बढ़त बनाते हुए कांग्रेस पर 16,247 वोटों की लीड ली। 2019 में एजीपी ने कांग्रेस को 42,083 वोटों से पीछे छोड़ा। 2024 में भाजपा ने काजीरंगा सीट पर चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस को अच्छे अंतर से हराया। 2014 आखिरी चुनाव था जब भाजपा और एजीपी अलग-अलग मैदान में उतरे थे। इसके बाद दोनों दलों ने गठबंधन के तहत सीटों का तालमेल किया।
10 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार बोकाखाट सीट पर कुल 1,64,648 मतदाता हैं। यह संख्या 2024 के 1,58,667 मतदाताओं से 5,981 अधिक है।
पिछले वर्षों में मतदाता संख्या इस प्रकार बढ़ी। 2011 में 1,18,784, 2016 में 1,23,219, 2019 में 1,39,733, 2021 में 1,47,846 और 2026 में 1,64,648 । सामाजिक समीकरण की बात करें तो अनुसूचित जनजाति मतदाता 18.77 प्रतिशत और अनुसूचित जाति मतदाता 9.21 प्रतिशत हैं। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है, जहां 91.20 प्रतिशत मतदाता गांवों में रहते हैं, जबकि 8.80 प्रतिशत शहरी मतदाता हैं। मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी यहां अपेक्षाकृत कम मानी जाती है।
बोकाखाट विधानसभा सीट पर मतदान प्रतिशत लगातार मजबूत रहा है, जहां 2011 में 78.04 प्रतिशत, 2016 में 85.81 प्रतिशत, 2019 में 78.03 प्रतिशत और 2021 में 81.84 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इससे साफ है कि यहां मतदाता चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं।
बोकाखाट असम के मध्य हिस्से में स्थित एक महत्वपूर्ण उपखंडीय शहर है। यह काजीरंगा नेशनल पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार से करीब 23 किलोमीटर दूर है। क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर्यटन, चाय बागानों, कृषि और छोटे कारोबार पर आधारित है। धान सहित कई फसलें यहां उगाई जाती हैं। आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों में काकोचांग (कैफो लांगसो) जलप्रपात, देवपर्बत और नुमालीगढ़ के ऐतिहासिक खंडहर शामिल हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-715 (पूर्व एनएच-37) इस इलाके से गुजरता है, जिससे सड़क संपर्क मजबूत है।
--आईएएनएस
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