मैं बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल की जनता के समक्ष नतमस्तक हूं: पीएम मोदी

मैं बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल की जनता के समक्ष नतमस्तक हूं: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के पांच राज्यों में मिले जनादेश को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का ये दिन ऐतिहासिक है, अभूतपूर्व है। जब वर्षों की साधना, सिद्धि में बदलती है, तो चेहरे पर जो खुशी होती है, वो खुशी आज मैं देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे पर देख रहा हूं।

उन्होंने कहा कि एक कार्यकर्ता होने के नाते मैं भाजपा के हर कार्यकर्ता की खुशी में शामिल हूं। आज का ये दिवस कई मायनों में खास है, विशेष है। ये देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा का दिन है। ये भरोसे का दिन है। भरोसा भारत के महान लोकतंत्र पर, भरोसा प्रदर्शन की राजनीति पर, भरोसा स्थिरता के संकल्प पर, भरोसा एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना पर। यह दिन अनेक मायनों में विशेष है। यह देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। यह विश्वास का दिन है। भारत के महान लोकतंत्र में विश्वास। प्रदर्शन-आधारित राजनीति में विश्वास। स्थिरता के संकल्प में विश्वास। एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना में विश्वास। मैं बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल की जनता के समक्ष नतमस्तक हूं।

उन्होंने कहा कि मैं बंगाल की जनता का, असम की जनता का, पुडुचेरी की जनता का, तमिलनाडु और केरलम की जनता का आज आदरपूर्वक नमन करता हूं। मैं उन सबका वंदन करता हूं। मैं आज भाजपा के कोटि-कोटि कार्यकर्ताओं का भी हृदय से अभिनंदन करता हूं। भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता ने एक बार फिर से कमाल कर दिया है, कमल खिला दिया है। आपने नया इतिहास रच दिया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा अध्यक्ष पद संभालने के बाद ये पहले विधानसभा चुनाव थे। इन चुनावों में पार्टी के हर कार्यकर्ता को उनका जो मार्गदर्शन मिला, वो मार्गदर्शन इस विजय में बहुमूल्य रहा है। आज विभिन्न उप चुनावों के परिणाम भी अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में जो उप चुनाव हुए, उनमें हमारे उम्मीदवारों को जनता-जनार्दन ने आशीर्वाद दिया और इन राज्यों में भी जीत गए। एनडीए की नेता और महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी बड़ी जीत दर्ज की है। मैं इन सभी राज्यों की जनता का, उनके समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। जय-पराजय, लोकतंत्र और चुनावी राजनीति का एक स्वाभाविक हिस्सा होता है। लेकिन 5 प्रदेशों की जनता ने पूरे विश्व को दिखाया है कि हमारा भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र हमारे लिए सिर्फ एक तंत्र नहीं है, ये हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है। ये हमारी रगों की संस्कार सरिता है। आज केवल भारत का लोकतंत्र ही नहीं जीता है, आज भारत का संविधान भी जीता है। हमारी संवैधानिक संस्थाएं जीती हैं, हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं। जीत और हार लोकतंत्र और राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा हैं। हालांकि, पांच राज्यों की जनता ने दुनिया को दिखा दिया है कि हमारा देश लोकतंत्र की जननी क्यों है। लोकतंत्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है, यह हमारी संस्कृति है। आज न केवल लोकतंत्र की जीत हुई है, बल्कि हमारे संविधान की भी जीत हुई है। हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों की जीत हुई है।

--आईएएनएस

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