अमेरिका-ईरान समझौते पर पीएम शहबाज ने भी किया हस्ताक्षर, खुद कर रहे अपनी तारीफ

अमेरिका-ईरान ज्ञापन समझौते पर पीएम शहबाज ने मध्यस्थ के तौर पर किया हस्ताक्षर

इस्लामाबाद, 18 जून (आईएएनएस)। अमेरिका-ईरान समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके ईरानी समकक्ष मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल हस्ताक्षर किए। इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी ज्ञापन समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, अमेरिका और ईरान की कुछ महीनों की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इस डील के भविष्य पर भी सवाल उठा रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान की आतंकवाद फैलाने की नीति को लेकर भी शांति समझौता सवालों के घेरे में है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ ने मध्यस्थ के तौर पर इस्लामाबाद ज्ञापन समझौते (इस्लामाबाद एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस्लामाबाद एमओयू पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके ईरानी समकक्ष मसूद पेजेश्कियन ने हस्ताक्षर किए हैं।"

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे ऐतिहासिक 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' (एमओयू) बताया और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खोल दिया जाएगा। उन्होंने एक्स पर लिखा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद समझौता’ पर गुरुवार को हस्ताक्षर हो गए हैं। इस एमओयू पर दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने हस्ताक्षर किया और मध्यस्थ के तौर पर मैंने भी इसे मंजूरी दी है। इस समझौते पर हस्ताक्षर होना संघर्ष के कूटनीतिक समाधान के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को दिखाता है।"

पीएम शहबाज ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जो समझौता हुआ है, उसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा। समझौते के तहते ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देगा। अमेरिका तुरंत नौसेना की नाकाबंदी हटा देगा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति को बधाई दी और सराहना करते हुए कहा कि उनकी (ट्रंप की) कूटनीति के प्रति प्रतिबद्धता और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता देने ने एक बार फिर उस लड़ाई को खत्म करने में मदद की है, जिसके नतीजे इस इलाके और उससे आगे भी खतरनाक हो सकते थे।

वहीं, उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की सराहना भी की। पीएम शहबाज ने कहा कि मैं ईरान की तरफ से बातचीत करने वाली टीम की कोशिशों के प्रति सम्मान जताना चाहता हूं, जिसमें मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, अब्बास अराघची और एस्कंदर मोमेनी शामिल हैं। इनके सब्र, लगन और अच्छे काम के लिए प्रतिबद्धता ने समझौते को पूरा करने में मदद की।

--आईएएनएस

केके/एबीएम