तेहरान, 7 नवंबर (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उन्होंने 48 घंटों (गुरुवार और शुक्रवार) के भीतर 12 देशों के अपने समकक्षों से संवाद स्थापित किया।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने इसकी जानकारी दी। इंस्टाग्राम पोस्ट में, अराघची ने बताया कि उन्होंने ईरान के "मूल रुख" को स्पष्ट किया। साथ ही, उन्होंने "देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने", "हिंसा और धमकियों" को रोकने, "विनाशकारी विदेशी हस्तक्षेप" से बचने और "असुरक्षा को फैलने से रोकने" की आवश्यकता पर चर्चा की।
अराघची ने यह भी कहा कि उन्होंने "क्षेत्र के बाहर की महाशक्तियों के हस्तक्षेप के बिना, क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था" बनाने की जरूरत पर चर्चा की। बताया कि उन्होंने ओमान, मिस्र, जॉर्डन, सऊदी अरब, कतर, साइप्रस, तुर्की, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, ट्यूनीशिया, इराक और पाकिस्तान के साथ बातचीत की है।
तेहरान टाइम्स के अनुसार, अराघची ने गुरुवार को जॉर्डन के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अयमान सफादी, सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी, साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कॉम्बो, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान, कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से बातचीत की।
तो शुक्रवार को इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन और ट्यूनीशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद अली नाफती से भी बात की।
इन चर्चाओं में क्षेत्र के ताजा घटनाक्रमों और तनाव कम करने तथा शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे राजनयिक प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सऊदी प्रेस एजेंसी ने भी टेलीफोन से हुई बात का जिक्र किया। बताया कि गुरुवार को बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब ईरान समर्थित हूती सऊदी अरब के हवाई अड्डों, तेल सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। जुलाई में युद्धग्रस्त यमन में लड़ाई फिर से शुरू होने के बाद से इन हमलों में तेजी आई है। अक्टूबर में सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हुए कई हमलों में 20 लोग मारे गए और 350 से अधिक घायल हो गए।
पिछले महीने, सऊदी अधिकारियों ने ईरान पर हूती विद्रोहियों को उकसाने और उन्हें लगातार हथियार मुहैया कराने, प्रशिक्षण देने और समर्थन देने का आरोप लगाया था। हालांकि तेहरान ने इन हमलों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और कहा कि हूती विद्रोही अपने सैन्य फैसले खुद लेते हैं।
--आईएएनएस
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