वर्ल्ड कप में कोई भी विरोधी आसान नहीं होता, भावनाओं को काबू में रखना होगा: कप्तान हरमनप्रीत

वर्ल्ड कप में कोई भी विरोधी आसान नहीं होता, भावनाओं को काबू में रखना होगा: कप्तान हरमनप्रीत

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने टीम से एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप में पूल डी के हर मैच को समान महत्व देने के अपील की है।

भारत को पूल डी में वेल्स, पाकिस्तान और इंग्लैंड के साथ रखा गया है। भारत ने हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपने पूल की कुछ टीमों का सामना किया है, जिससे उन्हें विरोधियों के खेलने के तरीके का अहम अनुभव मिला है। हरमनप्रीत ने कहा कि कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ी वीडियो फुटेज देख रहे हैं और उन पहलुओं की पहचान कर रहे हैं जो टूर्नामेंट शुरू होने पर निर्णायक साबित हो सकते हैं।

हरमनप्रीत ने 'जियोस्टार' से कहा, "ज्यादातर टीमें 'पर्सन-टू-पर्सन' स्टाइल में खेलती हैं। पाकिस्तान अक्सर 'जोन' और 'पर्सन-टू-पर्सन' दोनों का मिलाजुला तरीका अपनाता है। हमने प्रो लीग में उनके खिलाफ खेला था और उन पहलुओं की पहचान की थी जिनमें हम सुधार कर सकते हैं। हमने कॉमनवेल्थ गेम्स में वेल्स के खिलाफ खेला था। हम वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं और सभी के साथ अहम बातों पर चर्चा कर रहे हैं।"

हालांकि, भारतीय कप्तान ने साफ किया कि पिछले मुकाबलों से पूल के मैच आसान नहीं हो जाएंगे। वर्ल्ड कप में अतिरिक्त दबाव होता है और हर नतीजे का महत्व होता है, इसलिए हरमनप्रीत ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को बहुत आगे की सोचने के बजाय हर विरोधी का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा, "वर्ल्ड कप में कोई भी विरोधी आसान नहीं होता, इसलिए हम किसी को भी हल्के में नहीं ले सकते। हम एक-एक कदम आगे बढ़ रहे हैं और बहुत ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। वेल्स, इंग्लैंड, पाकिस्तान - लक्ष्य हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना और अपनी रणनीतियों को सही ढंग से लागू करना है।"

भारत के नजरिए की असली परीक्षा तब होगी जब उनका सामना पाकिस्तान से होगा। यह एक ऐसा मुकाबला है जिसमें मैदान पर होने वाले खेल से कहीं ज्यादा रोमांच और तनाव होता है। हरमनप्रीत का मानना ​​है कि उनके खिलाड़ियों के लिए सबसे अहम बात मैच से जुड़ी भावनाओं पर काबू पाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि इस मौके का असर उनकी रणनीतिक योजनाओं पर न पड़े।

कप्तान के लिए शांत बने रहने की शुरुआत मन को साफ रखने और गैर-जरूरी चीजों से ध्यान न भटकने देने से होती है। उन्होंने दर्शकों की भूमिका को भी स्वीकार किया और अपने साथियों से कहा कि वे माहौल का आनंद लें, न कि उसे अपने ध्यान पर असर डालने दें। उन्होंने आगे कहा, "योजना सरल है: मन को शांत रखें। बहुत ज्यादा न सोचें और न ही बहुत ज्यादा उत्साहित हों। दर्शक भी आपके साथ खेलते हैं, इसलिए इसे सहजता से लें और सकारात्मक रूप से इस्तेमाल करें।"

हरमनप्रीत ने कहा कि भारत को यह पक्का करना होगा कि मैच के माहौल या दबाव के कारण ट्रेनिंग के दौरान बनाई गई तैयारियों और रणनीतियों में कोई बदलाव न आए। एक जैसी लय बनाए रखना और तय रणनीति पर अमल करना बहुत जरूरी होगा, खासकर ऐसे मैच में जहां भावनाएं हावी हो सकती हैं।

उन्होंने भावनाओं के बजाय अनुशासन पर भी जोर दिया। भारतीय कप्तान चाहते हैं कि उनकी टीम चारों क्वार्टर में शांत और संयमित रहे और अपनी भूमिकाओं को निभाने पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने कहा, "मुख्य प्राथमिकता सरल है कि खेल पर ध्यान केंद्रित करना और दूसरी चीजों से ध्यान न भटकने देना। लय नहीं टूटनी चाहिए और योजनाओं में बदलाव नहीं होना चाहिए। उन 60 मिनटों के लिए हम सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए भावनाओं को काबू में रखना और साफ-सुथरा खेल खेलना जरूरी होगा।"

--आईएएनएस

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