विपक्ष में लगातार चुनाव हारने से आत्मविश्वास की कमी, इसी कारण सदन में हंगामा करते हैं : किरेन रिजिजू

लगातार चुनाव हारने से विपक्ष में आई आत्मविश्वास की कमी, इसीलिए सदन में हंगामा करते हैं: रिजिजू

नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के लगातार हंगामे की वजह से कार्यवाही बाधित रही, जिससे कई अहम मुद्दों पर सांसद अपनी बात नहीं रख पाए। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में अन्य दलों के नेताओं ने भी सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पूरे मामले पर कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव हार रहा है। वे निराश हो चुके हैं, इसी कारण संसद के मानसून सत्र के दौरान हंगामा करते रहे।

नई दिल्ली में आईएएनएस से विशेष बातचीत में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष अभी कुछ हद तक बंटा हुआ है और उनमें आत्मविश्वास की कमी है। जब वे चुनाव नहीं जीत पाते, तो संसद में अपनी निराशा निकालते हैं।

'वंदे मातरम' को लेकर कांग्रेस मुख्यालय दफ्तर में हुए विवाद पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर एक कानून है। यह किसी खास पार्टी या धर्म का गीत नहीं है। यह राष्ट्रीय गीत है। हर किसी को वंदे मातरम गाना चाहिए और हर भारतीय को इसका सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मौजूदगी में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री सबके होते हैं। वे भले ही किसी खास पार्टी से चुने गए हों, लेकिन प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं। अगर आप प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाते हैं, तो इससे देश की बदनामी होती है।

रिजिजू ने राहुल गांधी को जारी हुए विशेषाधिकार नोटिस पर कहा कि कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो उन्हें विशेषाधिकार नोटिस जारी किया जाता है। यह नियमों के अनुसार किया जाता है।

उन्होंने 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन लोगों के लिए 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किया है, वे लोग संविधान के खिलाफ काम करते हैं। हथियार उठाने वाले नक्सलवाद को लगभग समाप्त कर दिया गया है। हमारे आर्मी, बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान नक्सलवाद और माओवादी हिंसा का शिकार होते हैं। माओवादी और नक्सली विचारधारा से जुड़े कुछ लोग हमारे जवानों की मौत पर जश्न मनाते हैं। यह बात किसी से छिपी नहीं है। यह तो सभी को मालूम है, किसी को इसमें कन्फ्यूजन नहीं होना चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आने को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद आते थे और सुबह से रात तक संसद में रहते थे। अब हंगामे के बीच में नहीं जा सकते हैं, न। वह संसद में ही रहते थे, विपक्ष ने सिर्फ अफवाह फैलाने का काम किया है।

--आईएएनएस

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