वियतनाम के सैन्यदल का तीन शहरों में दौरा, आर्मी ट्रेनिंग व शिक्षा के अनुभव किए साझा

वियतनाम के सैन्यदल का तीन शहरों में दौरा, आर्मी ट्रेनिंग व शिक्षा के अनुभव किए साझा

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। वियतनाम की पीपुल्स आर्मी के 10 युवा अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल बीते दिनों भारत के दौरे पर रहा, जहां भारत और वियतनाम की सेनाओं के युवा अधिकारियों ने एक-दूसरे के अनुभवों को करीब से समझा।

रविवार को साझा की गई एक जानकारी में सेना ने बताया कि यह यात्रा युवा अधिकारी आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई। इस दौरान वियतनामी अधिकारियों ने पुणे, अहिल्यानगर और देवलाली का भ्रमण किया। सेना के मुताबिक वियतनामी दल ने विभिन्न रक्षा प्रतिष्ठानों का दौरा करने के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को भी देखा।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच पेशेवर संवाद बढ़ाना, एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझना और आपसी विश्वास को मजबूत करना था। वियतनाम के सैन्य दल को आर्मी ट्रेनिंग और शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को जानने के साथ दोनों देशों के अधिकारियों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे संवाद से सैन्य पेशेवर समझ बढ़ाने और भविष्य में सहयोग के नए अवसर विकसित करने में मदद मिलती है।

भारत और वियतनाम के बीच युवा अधिकारियों का यह आदान-प्रदान दोनों देशों की सेनाओं के पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल है। यह यात्रा आपसी समझ, सौहार्द और बढ़ते रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। इन अधिकारियों ने पुणे के खड़कवासला स्थित अकादमी की विशिष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था को समझा।

यहां भारत की थलसेना, नौसेना व वायुसेना के कैडेट एक साथ सैन्य प्रशिक्षण लेते हैं। इन सैन्य कर्मियों में महिला कैडेट भी शामिल हैं। वियतनाम के सैन्य अधिकारियों की यह यात्रा भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वियतनामी अधिकारियों को एनडीए की उस प्रशिक्षण परंपरा से परिचित कराया गया, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के भावी अधिकारियों को साझा वातावरण में तैयार किया जाता है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सहयोग और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता विकसित करना है। इस दौरान वियतनामी सैन्य अधिकारियों ने अकादमी के प्रशिक्षकों और कर्मचारियों से भी संवाद भी किया।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस