विदिशा, 20 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में विदिशा के गणेश मंदिर से पर्यटन विभाग द्वारा लगाई गई सरकारी रेलिंग चोरी होने से जुड़े मामले पर पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, बाढ़ वाले गणेश मंदिर में पर्यटन विभाग की रेलिंग को लेकर विवाद सामने आया है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने रेलिंग चोरी होने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने जांच के बाद रेलिंग मौके पर मौजूद होने की बात कही।
इसी को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने गुरुवार को पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मंदिर की रेलिंग ज्यों की त्यों लगी हुई है। इस बीच कानूनगो ने सोशल मीडिया पर मंदिर की रेलिंग की एक तस्वीर शेयर की है और पुलिस पर आरोप लगाए हैं।
कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदिशा के सीएसपी अतुल कुमार सिंह की वीडियो वाली एक पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए उनसे सवाल पूछा कि क्या आपने मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग से संपर्क किया है, जिसने जनता के पैसे से यह रेलिंग लगवाई है? आपकी जानकारी के लिए, यह उस रेलिंग की तस्वीर है।
उन्होंने कहा कि कृपया अपने एयर-कंडीशंड दफ्तर से बाहर निकलें और कुछ वास्तविक काम करें। पता लगाएं कि वास्तव में इस संपत्ति का निर्माण किसने किया, किसके अधिकार क्षेत्र में किया गया और करदाताओं के खून-पसीने की कमाई का कितना हिस्सा इस पर खर्च हुआ।
उन्होंने कहा कि जनता का पैसा आम नागरिकों के पसीने और मेहनत से कमाया जाता है। इसके लिए जवाबदेही होनी चाहिए, बहाने नहीं।
दरअसल, कानूनगो ने सीएसपी अतुल कुमार सिंह के जिस वीडियो को रिपोस्ट किया, उसमें वो कह रहे हैं कि मुझे पुलिस अधीक्षक के माध्यम से बाढ़ वाले गणेश मंदिर की रेलिंग चोरी होने की शिकायत मिली थी। इस शिकायत में कहा गया था कि रेलिंग चोरी हो गई है। जब हम वहां पहुंचे और जांच की तो मंदिर के पुजारी का बयान लिया और अन्य लोगों से पूछताछ भी की। रेलिंग वहां पर लगी हुई है। ये जांच 30 जुलाई को हुई थी, जिसके बाद में जांच रिपोर्ट सबमिट कर दी गई है।
--आईएएनएस
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