विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह का म्यांमार दौरा: द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर

kirti vardhan singh visit to Myanmar

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 8 से 11 अप्रैल, 2026 तक म्यांमार की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह दौरा म्यांमार सरकार (जीओएम) के निमंत्रण पर हो रहा है और इसे भारत-म्यांमार संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, सिंह 10 अप्रैल को नेपीडॉ में आयोजित म्यांमार के नए राष्ट्रपति के समारोह में भाग लेंगे और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की भी संभावना है, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय कूटनीति के दृष्टिकोण से भी अहम बन जाता है। 3 अप्रैल 2026 को म्यांमार की संसद ने सैन्य जुंटा प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग को देश का नया राष्ट्रपति चुना था।

अपने दौरे के दौरान, राज्य मंत्री म्यांमार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने, व्यापार एवं आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने, और भारत की विकासात्मक सहायता परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने पर चर्चा होगी। भारत म्यांमार में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और क्षमता निर्माण से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स में सहयोग कर रहा है, जो इस वार्ता का प्रमुख हिस्सा रह सकते हैं।

इसके अलावा, सिंह यांगून में भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ भी संवाद करेंगे। इस बातचीत के जरिए वह वहां रह रहे भारतीयों की स्थिति, उनके अनुभव और द्विपक्षीय संबंधों में उनकी भूमिका को समझने का प्रयास करेंगे।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। म्यांमार, भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टि से, भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ोसी है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सुरक्षा सहयोग में इसकी भूमिका अहम मानी जाती है।

कीर्ति वर्धन सिंह की यह यात्रा भारत-म्यांमार संबंधों को नई गति देने और बहुआयामी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

--आईएएनएस

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