सभी स्कूलों में फ्री सैनिटरी पैड अनिवार्य, Supreme Court का बड़ा फैसला!

Updated: January 31, 2026 6:36 PM

देश की करोड़ों स्कूली छात्राओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब सुप्रीम कोर्ट ने मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर एक बेहद अहम फैसला सुना दिया। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि पीरियड्स के दौरान स्वच्छता, सुविधा और सम्मान कोई रियायत नहीं, बल्कि हर लड़की का मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि "मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार और निजता के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है। पीरियड्स के दौरान बुनियादी सुविधाओं का अभाव लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा, गरिमा और समानता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है"। दरअसल, इस फैसले के बाद अब देश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि छात्राओं के लिए अलग, स्वच्छ और पूरी तरह निजी शौचालय उपलब्ध हों। आदेश का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, यहां तक कि उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।


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