वडोदरा, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। वडोदरा में बन रही रिंग रोड परियोजना दक्षिण गुजरात, उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस परियोजना से न केवल वडोदरा शहर में ट्रैफिक प्रबंधन में मदद मिलेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को भी पंख लगेंगे। इस रिंग रोड के बनने से वडोदरा शहर में भारी गाड़ियों का दबाव कम होगा, जाम की समस्या समाप्त होगी और आवागमन में लोगों का समय भी बचेगा।
वडोदरा के रहने वाले योगेश जोशी ने कहा कि इस सड़क के बनने से काफी फायदा होता है। इसके बनने से समय की भी काफी बचत होती है। आर्थिक फायदा भी होता है। इस सड़क के बनने से पेट्रोल की बचत होती है, इससे लोगों का खर्च कम होता है।
शकुंतलाबेन जोशी ने कहा कि यह बहुत अच्छा काम किया गया। इस सड़क के बनने से वरिष्ठ नागरिकों को काफी लाभ मिलेगा। यहां सीनियर सिटीजन यहां आसानी से चल सकते हैं। इस सड़क से सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकते हैं। इस सड़क के बनने से बचत और सुविधा है। यह रास्ता कपूराई जाता है।
वडोदरा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (वीयूडीए) और वडोदरा महानगरपालिका (वीएमसी) मिलकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम कर रहे हैं। लगभग 1500 करोड़ रुपए की लागत वाले करीब 66 किलोमीटर लंबे और 75 मीटर चौड़े इस रिंग रोड प्रोजेक्ट को पांच चरणों में तैयार किया जा रहा है।
करीब 316 करोड़ रुपए की लागत से परियोजना का 27.5 किलोमीटर लंबा पहला चरण पूरा हो गया है और दूसरे फेज का निर्माण शुरू करने की तैयारी है। रिंग रोड पर सर्विस रोड, हाई-टेक ड्रेनेज और लाइटिंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
वडोदरा महानगरपालिका कमिश्नर अरुण महेश बाबू ने कहा कि सीईपीटी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों की सलाह से बनाया जा रहा वडोदरा रिंग रोड पूर्व और पश्चिम हिस्सों में विभाजित है। यह रिंग रोड कई स्टेट हाईवे, एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-48 को जोड़ेगा।
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