वडोदरा, 2 फरवरी (आईएएनएस)। परम पूज्य महंत स्वामी महाराज का 92वां जन्मजयन्ती महोत्सव वडोदरा में अत्यंत भव्यता, दिव्यता और भक्तिभाव के साथ आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सनातन संस्कृति, शिक्षा और सेवा के मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत परम पूज्य महंत स्वामी महाराज के दिव्य जीवन, अहं-शून्यता, आध्यात्मिक प्रभाव और प्रेरणादायी वाणी को दर्शाने वाली विशेष वीडियो प्रस्तुति से हुई। बी.ए.पी.एस. संस्था के वरिष्ठ संतों ने उनके जीवन, कार्यों और समाज के प्रति योगदान पर प्रेरक उद्बोधन दिए।
इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बी.ए.पी.एस. के वरिष्ठ संतों द्वारा दोनों मुख्यमंत्रियों का पारंपरिक स्वागत किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेश का भी वाचन किया गया।
महोत्सव का एक ऐतिहासिक क्षण तब आया, जब इंग्लैंड से पधारे गिनिस वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी ने परम पूज्य महंत स्वामी महाराज को ‘हिन्दू ग्रंथ के सबसे विराट सामूहिक पाठ’ के लिए सम्मान-पत्र अर्पित किया। महंत स्वामी महाराज की प्रेरणा से बी.ए.पी.एस. संस्था के 3 से 13 वर्ष की आयु के 15,666 बच्चों ने उनके द्वारा रचित 315 श्लोकों वाले ‘सत्संगदीक्षा’ ग्रंथ का एक वर्ष में संस्कृत में पूर्ण सामूहिक मुखपाठ किया, जो अपने आप में एक दुर्लभ और ऐतिहासिक उपलब्धि है।
इसी अवसर पर परम पूज्य महंत स्वामी महाराज द्वारा आदिवासी क्षेत्रों के लिए ‘मोबाइल पाठशाला’ का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षा की ज्योत को हर घर तक पहुंचाना है। बच्चों के लिए विशेष यूट्यूब चैनल ‘बीएपीएस किड्स’ का लोकार्पण और ‘सत्संग दीक्षा से मिली जानकारी’ ग्रंथ का विमोचन भी किया गया।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल ने महंत स्वामी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं, वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि महंत स्वामी महाराज का जन्म जबलपुर में हुआ, यह पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
कार्यक्रम के समापन पर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा की गई सामूहिक आरती और लाखों दीपों से सजा वातावरण अत्यंत भावविभोर कर देने वाला रहा। परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने उपस्थित सभी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया।
इस भव्य आयोजन में 800 संतों और लगभग दो लाख भक्तों की प्रत्यक्ष उपस्थिति रही। तीन महीने की तैयारियों में 14,000 स्वयंसेवकों और वडोदरा नगर निगम के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समारोह का सीधा प्रसारण भारत और विदेशों में ऑनलाइन के माध्यम से किया गया।
--आईएएनएस
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