सिलांबरासन राजेंद्र : वह सुपरस्टार जिसने हार नहीं मानी, खुद दोबारा लिखी अपनी तकदीर

सिलांबरासन राजेंद्र: वह सुपरस्टार जिसने हार नहीं मानी, खुद दोबारा लिखी अपनी तकदीर

नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। कल्पना कीजिए एक ऐसे सितारे की, जिसने बचपन में ही 'सुपरस्टार' का तमगा हासिल कर लिया। लेकिन, फिर एक ऐसा मोड़ आया, जब उनका वजन 101 किलो हो गया था, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर विवादों का पहाड़ बनने लगा था। उसने हार नहीं मानी और अपने बढ़ते वजन को इस तरह घटाया, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। हम बात कर रहे हैं तमिल सिनेमा के चहेते कलाकार सिलांबरासन राजेंद्र की, जिन्हें दुनिया आज 'एटमैन' के नाम से जानती है।

3 फरवरी 1983 को मद्रास में जब सिलांबरासन राजेंद्र का जन्म हुआ, उनके पिता, दिग्गज टी राजेंद्र (टीआर), तमिल सिनेमा के वो 'वन मैन आर्मी' थे, जो निर्देशन से लेकर संगीत तक सब खुद संभालते थे। सिलांबरासन ने महज छोटी उम्र में कैमरे का सामना किया। 1989 की फिल्म 'संसार संगीतम' में जब उन्होंने 'आई एम अ लिटिल स्टार' पर कदम थिरकाए, तो तमिलनाडु को अपना 'लिटिल सुपरस्टार' मिल चुका था।

पिता की छाया बड़ी थी, लेकिन सिलांबरासन राजेंद्र ने कभी उसे ढाल नहीं बनाया। उन्होंने अपनी एक अलग पहचान गढ़ी। 2002 में 'काधल अझिवथिल्लई' से नायक के रूप में शुरुआत करने वाले इस लड़के ने जल्द ही दिखा दिया कि वह सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि एक 'ऑलराउंडर' हैं। 'मनमधन' (2004) में उन्होंने न केवल अभिनय किया बल्कि पटकथा भी लिखी, जो रातों-रात ब्लॉकबस्टर साबित हुई।

सिलांबरासन का करियर किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं रहा। 2010 में आई 'विन्नइथंडी वरुवाया' ने उन्हें 'कल्ट' प्रेमी नायक बना दिया, लेकिन यही वह दौर था, जब उनकी निजी जिंदगी और व्यावसायिक अनुशासन पर सवाल उठने लगे। सेट पर देरी से आना, निर्माताओं के साथ अनबन और 2015 का कुख्यात 'बीप सॉन्ग' विवाद, इन सबने उनकी छवि को तार-तार कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में जब उनकी फिल्म 'अंबानावन असाराधवन अडंगाधावन' बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी तो निर्माता ने सार्वजनिक रूप से उन पर करियर बर्बाद करने का आरोप लगाया। सिंबू का वजन बढ़कर 101 किलो हो चुका था। सोशल मीडिया पर उन्हें 'खत्म हो चुका अभिनेता' कहकर ट्रोल किया जाने लगा। वह दौर उनके जीवन का सबसे काला अध्याय था।

लेकिन, जैसा कहा जाता है, "सबसे गहरा अंधेरा सुबह से ठीक पहले होता है।" कोविड-19 के लॉकडाउन ने दुनिया को रोक दिया, लेकिन एक्टर को अपनी आंतरिक शक्ति खोजने का मौका दिया। उन्होंने खुद को एकांतवास में रखा। जब वे लॉकडाउन के बाद बाहर आए, तो दुनिया दंग रह गई। 101 किलो का वह भारी-भरकम इंसान अब 72 किलो का फुर्तीला 'एटमैन' बन चुका था। उन्होंने 'एटमैन' शब्द को अपनी नई पहचान बनाया।

उनकी वापसी की कहानी को पूर्णता दी 2021 की फिल्म 'मानाडू' ने। वेंकट प्रभु के निर्देशन में बनी इस टाइम-लूप थ्रिलर ने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इसके बाद 'वेंदु थानिंधथु काडू' में उन्होंने एक डरपोक लड़के से गैंगस्टर बनने के सफर को जिस शिद्दत से निभाया, उसने आलोचकों के मुंह बंद कर दिए।

आज एक्टर 44वें साल में प्रवेश कर चुके हैं, लेकिन उनकी ऊर्जा 20 साल के युवा जैसी है। वे अब सिर्फ फिल्में नहीं कर रहे, बल्कि विरासत बना रहे हैं। उन्होंने 2025 में फिल्म 'ठग लाइफ' में कमल हासन के साथ स्क्रीन साझा की। उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस 'एटमैन सिने आर्ट्स' भी शुरू किया है।

--आईएएनएस

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