नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में श्रावस्ती जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था। जिले की भिनगा विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) की उम्मीदवार इंद्राणी देवी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पदमसेन चौधरी को 13,574 वोटों से हराकर जीत हासिल की। वहीं, श्रावस्ती विधानसभा सीट पर भाजपा के रामफेरन ने बेहद करीबी मुकाबले में सपा के उम्मीदवार मोहम्मद असलम को 1,457 वोटों से शिकस्त दी। दोनों सीटों के नतीजों में एक तरफ सपा ने भिनगा में मजबूत जीत दर्ज की, तो दूसरी तरफ भाजपा श्रावस्ती सीट बचाने में सफल रही।
भिनगा विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव में सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार इंद्राणी देवी ने कुल 1,03,661 वोट हासिल किए जबकि भाजपा के पदमसेन चौधरी को 90,087 वोट मिले। इस तरह इंद्राणी देवी ने 13,574 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस सीट पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार अलीमुद्दीन 21,547 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के उम्मीदवार हम्मद रमजान को 4,073 वोट मिले।
भिनगा सीट से चुनाव मैदान में भाजपा के पदम सेन चौधरी, सपा की इंद्राणी देवी, सम्यक पार्टी के रामरूप, बसपा के अलीमुद्दीन समेत अन्य उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। चुनाव के दौरान स्थानीय विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं और जातीय समीकरण प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। इन मुद्दों के बीच इंद्राणी देवी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पदमसेन चौधरी को पराजित कर विधानसभा में जगह बनाई।
श्रावस्ती विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 का चुनाव बेहद रोमांचक रहा था। यहां भाजपा के उम्मीदवार राम फेरन ने सपा के मोहम्मद असलम को महज 1,457 वोटों के अंतर से हराया था। रामफेरन को कुल 98,640 वोट मिले जबकि सपा के उम्मीदवार मोहम्मद असलम को 97,183 मत प्राप्त हुए। दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। अंतिम परिणाम में राम फेरन ने मामूली अंतर से जीत हासिल कर भाजपा का परचम लहराया था।
इस सीट पर बसपा की उम्मीदवार नीतू मिश्रा 41,026 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं, कांग्रेस के उम्मीदवार मुहम्मद रमजान को 4,655 वोट मिले। श्रावस्ती विधानसभा सीट से कांग्रेस के मुहम्मद रमजान, भाजपा के रामफेरन, सपा के मोहम्मद असलम, जन अधिकार पार्टी के मोल्हू राम और बसपा की नीतू मिश्रा समेत कई उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।
इस सीट पर भाजपा और सपा के बीच मुख्य मुकाबला रहा। रोजगार, विकास कार्य, किसान समस्याएं, कानून-व्यवस्था और स्थानीय राजनीतिक समीकरण चुनाव के अहम मुद्दे बने रहे। बेहद कम अंतर से मिली जीत ने इस सीट के चुनाव परिणाम को खास बना दिया।
श्रावस्ती उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिला है। यह भारत-नेपाल सीमा से सटा हुआ है और पड़ोसी जिले बहराइच से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। श्रावस्ती की पहचान बौद्ध तीर्थस्थली के रूप में भी है। यहां भगवान बुद्ध से जुड़े कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल मौजूद हैं।
श्रावस्ती जिले का गठन 22 मई 1997 को हुआ था। हालांकि, 13 जनवरी 2004 को शासन ने जिले का अस्तित्व समाप्त कर दिया था। इसके बाद जून 2004 में इसे दोबारा जिले के रूप में स्थापित किया गया। राजनीतिक दृष्टि से श्रावस्ती जिले में दो विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें 289-भिनगा और 290-श्रावस्ती विधानसभा सीट शामिल हैं। वर्ष 2022 के चुनाव में इन दोनों सीटों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों को जीत मिली। भिनगा में सपा की इंद्राणी देवी ने बड़ी जीत दर्ज की जबकि श्रावस्ती में भाजपा के रामफेरन ने कड़े मुकाबले में बाजी मार ली थी।
--आईएएनएस
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