लखनऊ, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। यूपी में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक पार्टियां अपने पक्ष में समीकरण बनाने में जुटी हुई हैं। मुरादाबाद विधानसभा सीटों की स्थिति को देखने के लिए पिछले चुनाव के नतीजों नजर डालना आवश्यक है।
पीतलनगरी के नाम से मशहूर मुरादाबाद में विधानसभा की छह सीटें (कांठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद ग्रामीण, मुरादाबाद नगर, कुंदरकी, बिलारी) हैं। यहां पिछली बार (2022) समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा था, जहां 6 सीटों में चार पर सपा ने जीत दर्ज की थी। दो सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों ने बाजी मारी थी। भाजपा ने एक सीट (कुंदरकी) उपचुनाव में जीती है।
कांठ: इस सीट पर पिछली बार (2022) समाजवादी पार्टी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। सपा के कमाल अख्तर ने भाजपा के राजेश कुमार सिंह (चुन्नू) को 43,178 वोटों से हराया था। कमाल अख्तर को 1,34,692 वोट मिले थे। जबकि भाजपा प्रत्याशी राजेश कुमार सिंह को 91,514 मत मिले थे। इस सीट पर तीसरे नंबर पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अफाक अली खां थे। उन्हें 36,341 वोट मिले थे।
ठाकुरद्वारा: यहां से पिछली बार (2022) समाजवादी पार्टी की जीत हुई थी। सपा उम्मीदवार नवाब जान ने भाजपा के अजय प्रताप सिंह को 19,684 वोटों से हराया था। सपा के नवाब जान को 134,391 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे भाजपा उम्मीदवार अजय प्रताप सिंह को 114,707 वोट मिले थे। इस सीट पर तीसरे नंबर पर बसपा के मुजाहिद अली थे। उन्हें 22,163 वोट मिले थे।
मुरादाबाद ग्रामीण: इस सीट पर बीते 19 वर्षों से समाजवादी पार्टी का दबदबा है। 2007 के बाद से अब तक हुए चार विधानसभा चुनावों में यहां से सपा ने ही बाजी मारी है। पिछली बार (2022) यहां से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद नासिर कुरैशी ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा के कृष्णकांत मिश्रा (के.के. मिश्रा) को 56,820 वोटों से हराया था। सपा के मोहम्मद नासिर को 1,43,337 वोट मिले थे। जबकि भाजपा के के.के. मिश्रा को 86,517 वोट मिले थे।
मुरादाबाद नगर: यहां से पिछली बार (2022) भाजपा के रितेश गुप्ता ने सिर्फ 782 वोटों से जीत दर्ज की थी। भाजपा उम्मीदवार ने समाजवादी पार्टी के मो. यूसुफ अंसारी को हराया था। भाजपा के रितेश गुप्ता को 1,48,384 वोट मिले थे। जबकि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मो. यूसुफ अंसारी को 147,602 वोट मिले थे। इस सीट पर तीसरे नंबर पर बसपा के इरशाद हुसैन सैफी रहे थे, जिनको 14,013 वोट मिले थे।
बिलारी: इस सीट पर पिछली बार (2022) सपा ने बाजी मारी थी। मोहम्मद फहीम इरफान ने भाजपा के परमेश्वर लाल सैनी को 7,610 वोटों से हराया था। इस सीट पर मोहम्मद फहीम इरफान लगातार तीसरी बार विजयी हुए हैं। सपा के मोहम्मद फहीम इरफान को 95,338 वोट मिले थे। भाजपा के परमेश्वर लाल सैनी को 87,728 वोट मिले थे। इस सीट पर तीसरे नंबर पर बसपा के अनिल कुमार थे। उन्हें 42,411 वोट मिले थे।
कुंदरकी: इस विधानसभा सीट को लंबे समय से समाजवादी पार्टी के गढ़ के तौर पर देखा जाता है। 2024 में हुए उपचुनाव में भाजपा के ठाकुर रामवीर सिंह ने 1,44,791 वोटों से जीत दर्ज की थी। रामवीर सिंह को 1,70,371 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर सपा के मोहम्मद रिजवान थे। उन्हें सिर्फ 25,580 वोट मिले थे। जबकि 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने यह सीट जीती थी। सपा के जियाउर्रहमान ने भाजपा के कमल कुमार को 43,162 वोटों से हराया था।
--आईएएनएस
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