तिरंगा भारतीयों के आन, बान और शान का प्रतीक, आजादी के गुमनाम नायकों को मिल रहा सम्मान : सीएम योगी

तिरंगा भारतीयों के आन, बान और शान का प्रतीक, आजादी के गुमनाम नायकों को मिल रहा सम्मान : सीएम योगी

गोरखपुर, 10 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत आयोजित तिरंगा यात्रा को देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित करते हुए कहा कि तिरंगा भारत के आन, बान और शान की पहचान है।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी किसी एक व्यक्ति या परिवार के प्रयासों से नहीं, बल्कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान से मिली है। आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अनेक नायकों को लंबे समय तक वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र बिंदु उत्तर प्रदेश रहा है। मंगल पांडेय द्वारा लगाई गई चिंगारी से शुरू हुई क्रांति ने गोरखपुर के शहीद बंधू सिंह, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर-कानपुर के तात्या टोपे और मेरठ के धन सिंह कोतवाल जैसे क्रांतिकारियों के नेतृत्व में व्यापक रूप लिया और देखते ही देखते आजादी की लड़ाई गांवों से निकलकर पूरे देश में फैल गई।

उन्होंने कहा कि देश को आजादी ऐसे ही नहीं मिली, बल्कि इसके लिए भारत के वीरों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। चौरी चौरा की घटना ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी, जबकि काकोरी ट्रेन एक्शन ने अंग्रेजों द्वारा भारत से लूटे जा रहे धन को वापस हासिल करने और स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा देने का काम किया।

सीएम योगी ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन को अंग्रेजों ने ‘डकैती’ कहा था और दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी लंबे समय तक इसे उसी रूप में पढ़ाया जाता रहा। क्रांतिकारियों के इससे बड़े अपमान की कल्पना नहीं की जा सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काकोरी की घटना को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के रूप में सम्मान दिया और बताया कि जो लोग भारत को लूट रहे थे, क्रांतिकारियों ने उन्हीं से देश का धन वापस हासिल किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद भी अनेक क्रांतिकारियों को वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसके वे हकदार थे। उनकी मूर्तियां तक स्थापित नहीं करने दी गईं और उनके नाम पर संस्थाओं के नामकरण की भी अनुमति नहीं दी गई। लंबे समय तक एक ही परिवार के नाम पर संस्थाओं और योजनाओं के नाम रखे जाते रहे। आज देश के उन क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने का काम किया जा रहा है, जिनके बलिदान से भारत स्वतंत्र हुआ।

उन्होंने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह तिरंगा यात्रा भी उन्हीं वीर क्रांतिकारियों को सम्मान और श्रद्धांजलि देने का माध्यम है। तिरंगा भारत के आन, बान और शान का प्रतीक है। देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए उन्होंने हर नागरिक से अपने घर पर गर्व के साथ तिरंगा फहराने की अपील की।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अलग-अलग समय में स्वतंत्रता सेनानियों ने अलग-अलग प्रकार के ध्वजों के साथ आजादी की लड़ाई को गति दी। लेकिन आजादी के बाद भी लंबे समय तक आम भारतीयों को अपने घर पर राष्ट्रध्वज फहराने का अधिकार नहीं था। इसके लिए लोगों को न्यायालय तक जाना पड़ा।

सीएम योगी ने कहा, ''हमारा सौभाग्य है कि जिस राष्ट्रध्वज को अपने घर पर लगाने के लिए पहले भारत के नागरिकों को न्यायालय में लड़ाई लड़नी पड़ती थी, आज वही तिरंगा हर घर की शान बन रहा है।'' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर के टाउनहाल से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा यात्रा की शुरुआत की।

इससे पहले उन्होंने नगर निगम परिसर में स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

--आईएएनएस

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