सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम के 30 साल बेमिसाल, खुद एयरफोर्स चीफ उड़ा सकते हैं हॉक विमान

सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम के 30 साल बेमिसाल, खुद एयरफोर्स चीफ उड़ा सकते हैं हॉक विमान

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। हॉक एमके-132 विमानों से लैस सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम ने अपने हैरतअंगेज हवाई करतबों के जरिए दुनिया भर के आसमान में तिरंगा लहराया है। भारतीय वायुसेना की ‘एंबेसडर’ मानी जाने वाली 52 शार्क्स स्क्वाड्रन 27 मई को अपनी स्थापना के 30 वर्ष पूरे कर रही है। ‘सूर्यकिरण’ का गठन 27 मई 1996 को बिदर एयरफोर्स स्टेशन में हुआ था। सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम की शुरुआत किरण एमके-2 विमानों के साथ हुई थी। इसी विमान के नाम पर टीम का नाम 'सूर्यकिरण' रखा गया, जिसका अर्थ है 'सूर्य की किरणें'। टीम के 9 विमान सटीक समन्वय के साथ अलग-अलग हैरतअंगेज करतब पेश करते हैं।

सितंबर 1996 में कोयंबटूर में टीम ने अपनी पहली सार्वजनिक प्रस्तुति दी थी और तब से यह सिलसिला लगातार जारी है। मई 2006 में टीम को औपचारिक रूप से 52 स्क्वाड्रन 'शार्क्स' का दर्जा दिया गया। इससे पहले यह स्क्वाड्रन एमआईजी-21 एफएल विमानों का संचालन करती थी। वर्ष 2015 में टीम ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा लाइसेंस के तहत निर्मित अधिक आधुनिक हॉक एमके-132 विमानों को शामिल किया। पिछले 30 वर्षों में ‘सूर्यकिरण’ ने देश-विदेश में 800 से अधिक एयर डिस्प्ले किए हैं। इनमें चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। वर्ष 2015 में टीम ने किरण एमके-2 विमानों की जगह लाल और सफेद रंग के हॉक एमके-132 विमानों को शामिल किया था। हाल ही में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में भी नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में टीम ने उड़ान भरते हुए दर्शकों को रोमांचित किया था।

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस ऐतिहासिक अवसर पर 26 मई को भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह खुद फॉर्मेशन में उड़ान भरते नजर आ सकते हैं। इससे पहले भी वायुसेना प्रमुख कई खास मौकों पर लड़ाकू विमानों के कॉकपिट में उड़ान भर चुके हैं।

फरवरी 2025 में बेंगलुरु में आयोजित एयरो इंडिया के दौरान उन्होंने एलसीए ट्विन-सीटर तेजस में उड़ान भरी थी। खास बात यह रही कि विमान की पिछली सीट पर थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी मौजूद थे। संभवतः यह पहला मौका था, जब दो सेना प्रमुख एक साथ सिंगल-इंजन फाइटर जेट में उड़ान भर रहे थे।

इसके बाद अगस्त 2025 में उन्होंने नाल एयर फोर्स स्टेशन, बीकानेर में एमआईजी-21 उड़ाया। वहीं, 26 सितंबर 2025 को आधिकारिक रिटायरमेंट से पहले

एमआईजी-21 में उड़ान भरी थी। अक्टूबर 2025 को जब सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंबाला एयरबेस से राफेल जेट में उड़ान भरी, तब दूसरे राफेल विमान में एयर चीफ मार्शल मौजूद थे।

इसी साल मार्च को एयर चीफ ने आदमपुर एयरबेस से एमआईजी-29 अपग्रेड एयरक्राफ्ट भी उड़ाया था। इसके बाद अप्रैल 2026 को अमेरिका दौरे के दौरान उन्होंने नेलिस एयर फोर्स बेस, नेवादा में एफ-15ईएक्स में उड़ान भरी। अब 26 मई 2026 को वे सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम के साथ हॉक एमके-132 उड़ाते नजर आ सकते हैं।

--आईएएनएस

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