नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। क्या आप जानते हैं कि पृथ्वी पर सूर्य की रोशनी कैसे काम करती है और मौसम को कैसे प्रभावित करती है? यूनाइटेड नेशंस ने अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस के अवसर पर ‘अल्बीडो’ के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह पृथ्वी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है।
प्रकाश न सिर्फ विज्ञान का विषय है, बल्कि संस्कृति, कला, शिक्षा और टिकाऊ विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस के मौके पर इसके बारे में जानकारी देते हुए यूनेस्को का मानना है कि अल्बीडो जैसी वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को समझना जलवायु परिवर्तन से निपटने और पृथ्वी को बचाने के लिए जरूरी है।
अल्बीडो किसी भी सतह की सूर्य के प्रकाश को प्रतिबिंबित करने की क्षमता है। यह प्रक्रिया पृथ्वी की जलवायु को नियंत्रित करने और तापमान के संतुलन को बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अल्बीडो को आसान शब्दों में समझें तो यह वह हिस्सा है जो कोई सतह सूर्य के प्रकाश को वापस स्पेस में लौटा देती है। इसे 0 से 1 के बीच मापा जाता है। अगर कोई सतह 100 प्रतिशत प्रकाश को वापस लौटा दे तो उसका अल्बीडो 1 होता है। अगर 30 प्रतिशत प्रकाश वापस लौटे तो अल्बीडो 0.3 होता है।
उदाहरण के लिए, बर्फ और बर्फीले क्षेत्रों का अल्बीडो बहुत अधिक यानी लगभग 0.8 से 0.9 होता है। वे ज्यादातर सूर्य की रोशनी को वापस अंतरिक्ष में भेज देते हैं। वहीं, समुद्र और जंगलों का अल्बीडो कम होता है। वे अधिक प्रकाश को अवशोषित कर लेते हैं।
अब यह समझना जरूरी है कि अल्बीडो पृथ्वी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? यह पृथ्वी की जलवायु को सीधे प्रभावित करता है। अधिक अल्बीडो वाली सतहें, जैसे बर्फ, पृथ्वी को ठंडा रखने में मदद करती हैं क्योंकि वे सूर्य की गर्मी को कम अवशोषित करती हैं। अगर बर्फ पिघलती है, तो अल्बीडो कम हो जाता है, जिससे पृथ्वी अधिक गर्मी सोखती है और ग्लोबल वार्मिंग तेज हो जाती है। यह एक खतरनाक चक्र बन सकता है।
वायुमंडल, महासागर और जमीन की सतह का अल्बीडो मिलकर तय करता है कि सूर्य से आने वाली कितनी ऊर्जा पृथ्वी पर रहती है और कितनी वापस अंतरिक्ष में चली जाती है। इससे मौसम, तापमान और जलवायु परिवर्तन की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
--आईएएनएस
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