सोनिया गांधी की आंखों में बाटला हाउस एनकाउंटर के आरोपियों के लिए थे आंसू, कैप्टन स्मित के लिए करुणा का भाव नहीं : सुधांशु त्रिवेदी

सोनिया गांधी की आंखों में बाटला हाउस एनकाउंटर के आरोपियों के लिए थे आंसू, कैप्टन स्मित के लिए करुणा का भाव नहीं : सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। राज्यसभा सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने एक फ्लाइट में कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की तारीफ की और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाइट में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है। उनके इस कार्य से सारा देश गौरवान्वित है। पीएम मोदी उनसे बात कर चुके हैं। इजरायल और अमेरिका के राष्ट्रपति उनकी प्रशंसा कर चुके हैं।"

उन्होंने कहा कि आज मीडिया में यह भी खबर आई है कि आरोपी पायलट इमाम अल हमामी का अल-कायदा ने तारीफ करते हुए समर्थन किया है। इसी को लेकर सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "इस पर कांग्रेस की ओर से एक भी शब्द, एक भी पोस्ट और एक भी प्रेस वक्तव्य कैप्टन स्मित के लिए न आना यह सवाल खड़ा करता है कि सोनिया गांधी की आंखों में बाटला हाउस एनकाउंटर के आरोपियों के लिए आंसू थे, उनकी आंखों में करुणा का एक भी भाव कैप्टन स्मित मच्छार के लिए दिखाई नहीं दे रहा है।"

उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा, "वो बिगड़ैल शहजादा, जो गाजा पर गमजदा था, जो 'एक्स' से लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी के प्रस्तावों और अखबारों में आर्टिकल लिखे जा रहे थे, लगता है वो अपने वोटबैंक से इतने खौफजदा हो गए हैं कि उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकला। पूरे देश को कांग्रेस के सर्वोच्च नेतृत्व के इस आचरण को देखना चाहिए।"

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "आज हम सीधे कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहते हैं कि आखिर क्यों उन लोगों के मुंह से कैप्टन स्मित मच्छार के लिए एक भी शब्द नहीं निकल रहा, जिन्होंने जाकिर नाइक को शांति का मसीहा कहा, अफजल गुरु को हालात का शिकार बताया, बुरहान वानी को भटका हुआ नौजवान कहा, याकूब मेमन की फांसी को न्यायिक हत्या कहा और बाटला हाउस एनकाउंटर पर आंसू बहाए।"

उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने ऐसी वीरता दिखाई और इतने लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली लेकिन उनके लिए कांग्रेस के मुंह से एक शब्द नहीं आ रहा। हम इस पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सीधा जवाब मांगते हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "देश यह भी महसूस कर रहा है कि अगर वोट बैंक की राजनीति इस मानसिकता के हिसाब से चलेगी, तो यह इस देश की विमान को किस हद तक और कहां ले जाकर क्रैश करेगी? आज पूरे देश के सामने यह सोचने और चिंतन करने का विषय है।"

वहीं, उन्होंने कहा, "जैसा कि आप सबने देखा, शांति और अहिंसा के प्रतीक महात्मा गांधी की जयंती पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने नई नियुक्तियां कीं और अहम बात यह है कि गांधी जयंती के शुभ अवसर पर उन्होंने इमरान मसूद को यूपी कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उनका आचरण और रिकॉर्ड क्या रहा होगा। और जब उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान पीएम मोदी को "बोटी-बोटी" करने वाला शर्मनाक बयान दिया था, तब वह कांग्रेस में नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी में थे।"

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "मुझे जो कहना है वह यह है कि लगातार हार की हताशा में गर्दन तक डूबे हुए मल्लिकार्जुन खड़गे, जो इतने वरिष्ठ नेता हैं, वह राहुल गांधी की विकृत मानसिकता को क्यों अपनाना चाहते हैं?"

उन्होंने कहा, "पूरी विनम्रता के साथ मैं मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछना चाहता हूं कि जब आपका चुनाव हुआ था, तब एक नहीं बल्कि कई कांग्रेस नेताओं ने कम से कम इलेक्टोरल कॉलेज की लिस्ट, यानी कम से कम चुनावी बोर्ड की लिस्ट देने के लिए कहा था लेकिन कांग्रेस ने वह लिस्ट नहीं दी। तो पहला सवाल यह उठता है कि अध्यक्ष पद के लिए आपका चुनाव ही अवैध है। दूसरा दृश्य याद कीजिए जब प्रियंका गांधी या राहुल गांधी का नामांकन हुआ था। सबको वह वीडियो याद होगा जहां परिवार के अन्य सदस्य नामांकन कक्ष के अंदर बैठे थे लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे को अंदर घुसने भी नहीं दिया जा रहा था क्योंकि माना जा रहा था कि अगर वह अंदर आएंगे तो यह अवैध हो जाएगा।"

--आईएएनएस

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