सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ऐतिहासिक, रीजनल वाइब्रेंट समिट से खुले निवेश के नए द्वार: जीतू वघाणी

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ऐतिहासिक, रीजनल वाइब्रेंट समिट से खुले निवेश के नए द्वार: जीतू वघाणी

गांधीनगर, 16 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद शुक्रवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता जीतू वघाणी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के अहम फैसलों और हालिया आयोजनों की जानकारी दी।

उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और राजकोट में आयोजित वाइब्रैंट समिट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों ने सौराष्ट्र क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी है।

जीतू वघाणी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अभूतपूर्व उत्साह और भव्य वातावरण के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस पर्व के दौरान सौराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और विकास के संकल्प को नई ऊर्जा मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं पर्व का रिव्यू किया।

गुजरात सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इसी तरह के बड़े और प्रभावी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सौराष्ट्र मंदिर की यात्रा को भी बेहद खास और अद्भुत अनुभव बताया गया, जिसने श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत किया।

रीजनल वाइब्रेंट समिट के माध्यम से गुजरात में निवेश की नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों और प्रभावी प्रशासनिक अमल के चलते राज्य में 45,565 करोड़ रुपए के एमओयू संपन्न हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों की प्रगति की जानकारी हर महीने कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत की जाती है, ताकि समयबद्ध तरीके से योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। सरकार के अनुसार राज्य में अब तक 16,000 से अधिक स्टार्टअप शुरू किए जा चुके हैं, जिनमें 850 से अधिक स्टार्टअप में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली है।

जीतू वघाणी ने कहा कि सौराष्ट्र रीजनल वाइब्रेंट समिट के दौरान 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू हुए, जो राज्य की मजबूत औद्योगिक क्षमता और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

समिट के दौरान व्यापारी संगठनों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर उनके सवालों और समस्याओं का समाधान किया गया। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अन्य व्यापारी मंडलों के साथ भी इसी तरह की व्यक्तिगत बैठकें कर उनकी व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान निकाला जाएगा, ताकि उद्योग और व्यापार को और गति मिल सके। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं के प्रभावी अमल के लिए मुख्य सचिव जिला कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नियमित रिव्यू करेंगे।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जिला कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभिन्न विकास कार्यों में आने वाली लंबी प्रक्रियाओं को कम किया जाए और निर्णय तेजी से लिए जाएं। जीतू वघाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं और वडोदरा क्षेत्र सहित पूरे राज्य के जनहित से जुड़े मुद्दों का समाधान शीघ्रता से किया जाएगा।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी