नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत में एस्टोनिया की राजदूत क्रिस्टी कारेलसोहन ने बुधवार को कहा कि दोनों देशों के बीच डिजिटल सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी में आगे बढ़ने के बड़े अवसर मौजूद हैं। साथ ही, कहा कि इस साल के अंत तक भारत-ईयू (यूरोपियन यूनियन) व्यापार समझौता लागू हो सकता है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कारेलसोहन ने कहा कि एस्टोनिया की कंपनियां भारत की अपेक्षाकृत छोटी हैं और इस देश में बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग नहीं है। इस कारण एस्टोनिया और भारत के बीच बड़े पैमाने पर व्यापार खासकर निर्यात मुश्किल हो सकता है, क्योंकि एस्टोनिया का बाजार भी छोटा है। हमारी कंपनियां सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत हैं, विशेष रूप से डिजिटल सेवाओं, तकनीक और साइबर सुरक्षा के मामले में, जहां हमें आगे और विकास की संभावनाएं नजर आती हैं।
कारेलसोहन ने आगे कहा कि एस्टोनिया की कुछ कंपनियां भारत में लकड़ी के उत्पाद, फूड एवं बेवरेज और अन्य उत्पाद भेजती है। हालांकि, देश में कुछ उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग की जाती है। यह प्रतिस्पर्धी कीमतों पर नहीं होते, लेकिन इसमें रुचि रखने वाले ग्राहक खरीद सकते हैं।
27 देशों वाले संघ यूरोपीय यूनियन के सदस्य एस्टोनिया की भारत में राजदूत कारेलसोन ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर कहा कि हमें उम्मीद है कि इस साल के अंत तक भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह समझौता होने की उम्मीद है। इससे मौजूदा कस्टम शुल्क के साथ-साथ उन गैर-शुल्क बाधाओं को भी कम करने में मदद मिलेगी, जो एस्टोनिया जैसी छोटी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौतियां खड़ी करती हैं।
इसके अलावा, राजदूत ने कहा कि कई देशों के साथ एस्टोनिया के लिए भी भारत में मुख्य प्राथमिकता व्यापार है। यह एक बड़ा बाजार है, और जाहिर है, मैं हमारे व्यावसायिक संबंधों को और विकसित करना चाहती हूं।
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