मुंबई, 9 फरवरी (आईएएनएस)। 'बेताब' से सनी देओल के साथ हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाली अभिनेत्री अमृता सिंह अपने जमाने की बोल्ड और बिंदास एक्ट्रेस हुआ करती थीं, जिन्होंने हर रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ अपना करियर और परिवार चलाने पर फोकस किया था।
आज अभिनेत्री अपना 68वां जन्मदिन मना रही है, और इस मौके पर हम जानेंगे कि कैसे अमृता ने साल 1989 में अपने खिलाफ फैल रहे निगेटिव कैंपेन को नकारा था और महिला एक्ट्रेसेस को सिनेमा में टारगेट करने वाले लोगों को मुंह तोड़ जवाब दिया था।
अमृता सिंह ने 17 साल की उम्र में हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत की थी, हालांकि उनका परिवार नहीं चाहता था कि वह सिनेमा की चमचमाती लेकिन जटिल दुनिया में जाए। अमृता अपना मन बना चुकी थी और पहली फिल्म की तलाश में थीं, और उसी वक्त धर्मेंद्र सनी देओल को लॉन्च करने के लिए नया चेहरा ढूंढ रहे थे और उनकी तलाश अमृता सिंह पर जाकर खत्म हुई। फिल्म बनी और हिट साबित हुई, जिसके बाद अभिनेत्री ने अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, संजय दत्त, धर्मेंद्र और गोविंदा जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम किया, लेकिन करियर के पांच साल बीत जाने के बाद कहा जाने लगा कि अभिनेत्री शादी नहीं करना चाहती है क्योंकि उन्हें डर है कि उनका करियर खत्म हो जाएगा और फिल्में नहीं मिलेंगी।
5 साल सिनेमा में बिताने के बाद उनके बिंदास अंदाज से हर कोई वाकिफ था। इसलिए अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म 'मर्द टांगेवाला' करने के बाद उन्हें हिंदी सिनेमा में 'मर्द सिंह' का टाइटल मिला था, क्योंकि वे हर मुद्दे पर खुलकर राय रखती थीं। हिंदी सिनेमा में उड़ती अफवाहों पर फुलस्टॉप लगाते हुए अभिनेत्री ने साफ किया था कि वे शादी करेंगी क्योंकि वे अच्छे से जानती हैं कि अभिनेत्रियों को सिनेमा में काम सिर्फ 10-15 साल तक ही मिल पाता है।
अमृता ने इंटरव्यू में कहा था, "समझ नहीं आता कि लोगों को क्यों लगता है कि अगर मैं शादी करूंगी तो काम छोड़ दूंगी या काम मिलना बंद हो जाएगा। मेरी शादी से मेरे काम का क्या लेना-देना है? हेमा मालिनी और स्मिता पाटिल ने भी शादी की और काम भी कर रही हैं, तो मेरी चिंता करने की जरूरत नहीं है। शादी करने का फैसला और फिल्में करने का फैसला मेरा होगा।" उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कहा कि मैं शादी करियर और फिल्मों के लिए नहीं कर रही हूं, तो वे लोग और उनकी बातें बहुत घटिया हैं।
--आईएएनएस
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