नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति और आरके फैमिली ट्रस्ट को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से कानूनी लड़ाई में उलझे कपूर परिवार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि विवाद को बातचीत और आपसी सहमति के जरिए सुलझाया जा सकता है। कोर्ट ने संजय कपूर की मां रानी कपूर और पत्नी प्रिया कपूर के बीच चल रही मध्यस्थता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि बातचीत की प्रक्रिया अब तक संतोषजनक तरीके से आगे बढ़ रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने आरके फैमिली ट्रस्ट से जुड़े विवाद में मध्यस्थता की अवधि को 2 नवंबर तक जारी रखने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता से जुड़ी रिपोर्ट देखने के बाद हमें पूरा भरोसा है कि सभी पक्ष एक सकारात्मक समाधान के काफी करीब हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मध्यस्थ की फीस का भुगतान आरके फैमिली ट्रस्ट की ओर से किया जाए। अगर मध्यस्थता सफल नहीं होती है तो सभी पक्षों को कानून के अनुसार आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन कोर्ट ने उम्मीद जताई कि ऐसी स्थिति आने से पहले ही विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म कर लिया जाएगा।
दरअसल, यह पूरा विवाद उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति और आरके फैमिली ट्रस्ट को लेकर है। संजय कपूर का जून 2025 में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उनकी करीब 30 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति और व्यापारिक हिस्सेदारी को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया। इस मामले में संजय कपूर की मां रानी कपूर, उनकी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर और उनकी पहली पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान कपूर के अधिकारों को लेकर सवाल उठे।
संजय कपूर और करिश्मा कपूर की शादी साल 2003 में हुई थी। दोनों साल 2016 में अलग हो गए थे। दोनों के दो बच्चे हैं, समायरा और कियान। संजय कपूर ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए कई आर्थिक व्यवस्थाएं की थीं। वहीं, संजय कपूर के निधन के बाद उनकी दूसरी पत्नी प्रिया कपूर और बच्चों के बीच संपत्ति के अधिकार को लेकर विवाद सामने आया।
विवाद का केंद्र आरके फैमिली ट्रस्ट है, जिसे साल 2017 में बनाया गया था। रानी कपूर का आरोप है कि इस ट्रस्ट को उनकी जानकारी और सहमति के बिना बनाया गया और परिवार की संपत्तियों को इसमें शामिल कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ट्रस्ट सही नहीं है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। इसी को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
दूसरी ओर, प्रिया कपूर का कहना है कि ट्रस्ट नियमों के अनुसार बनाया गया था और इसके जरिए लाभार्थियों के हितों की सुरक्षा की जा रही है। उन्होंने रानी कपूर को ट्रस्ट के न्यासी पद से हटाने का नोटिस भी जारी किया था। प्रिया कपूर ने आरोप लगाया था कि ट्रस्ट के कामकाज में हस्तक्षेप किया जा रहा है और इससे लाभार्थियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
मामला बढ़ने के बाद यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। अदालत ने दोनों पक्षों के बीच समाधान निकालने के लिए मध्यस्थता का रास्ता चुना। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया था।
--आईएएनएस
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