मुंबई, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिल्ममेकर संजय गुप्ता के अचानक निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री सदमे में है। उनको आखिरी विदाई देने के लिए शनिवार को कई फिल्मी सितारे उनके मुंबई स्थित घर पहुंचे। इस दौरान अभिनेता रोहित रॉय और रॉनित रॉय अपने आंसू नहीं रोक पाए। वहीं, फिल्ममेकर मिलाप जावेरी ने संजय को अपना गॉडफादर बताते हुए अपनी अगली फिल्म उन्हें समर्पित करने का फैसला किया। अभिनेत्री कोएना मित्रा और म्यूजिक कंपोजर अनु मलिक ने भी सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर उन्हें याद किया।
आईएएनएस की ओर से सामने आए वीडियो में रोहित और रॉनित रॉय अभिनेता सुधांशु पांडे के साथ संजय गुप्ता के घर पर नजर आए। इस दौरान रॉनित रॉय कई बार फूट-फूटकर रोते दिखाई दिए। वहां मौजूद लोग उन्हें संभालने और चुप कराने की कोशिश करते रहे। वहीं, रोहित भी काफी भावुक नजर आए और वह बार-बार अपने आंसू पोंछते रहे। दोनों भाइयों ने इस दौरान संजय के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं भी जाहिर कीं। उनके अलावा फरदीन खान, डब्बू रत्नानी, अशोक पंडित, मनु ऋषि, मनोज बाजपेयी और मीजान जाफरी समेत कई लोग निर्देशक को अंतिम विदाई देने पहुंचे।
वहीं, फिल्ममेकर मिलाप जावेरी ने संजय गुप्ता को अपना गॉडफादर, दोस्त और भाई बताते हुए अपनी अगली फिल्म उन्हें समर्पित करने का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ''गुरुजी... मेरे गॉडफादर। मेरे भगवान। मेरे पिता। मेरे भाई। मेरे दोस्त। जब मैं 21 साल का था, तब आपने मुझे सिखाया कि जिंदगी सिर्फ फूलों से भरी नहीं होती बल्कि इसमें 'कांटे' भी होते हैं। आपने मुझे इस इंडस्ट्री में जिंदगी दी। जब भी मैं असफल हुआ, आपने फोन किया और मुझे काम दिया। 'मुसाफिर', 'शूटआउट एट वडाला', 'प्लान', 'अलीबाग द मिरांडा ब्रदर्स' जैसी फिल्मों में काम किया। यकीन नहीं हो रहा कि आप चले गए।''
मिलाप ने आगे लिखा, ''हम दस दिन पहले मिले थे और मैंने आपको अपनी अगली फिल्म का टाइटल बताया था। आप खुशी से उछल पड़े और कहा, 'मिलाप, इसी टाइटल वाली ओरिजिनल फिल्म मेरे पिता ने बनाई थी।' उस पल मुझे जो खुशी हुई और आपको मुझ पर जो गर्व महसूस हुआ, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वह टाइटल और वह फिल्म आपको समर्पित होगी। मैं आपसे प्यार करता हूं गुरुजी। हमेशा करता रहूंगा।''
बता दें कि मिलाप ने संजय की 2002 में आई फिल्म 'कांटे' में डायलॉग राइटर के तौर पर काम किया था। यह फिल्म उनके करियर का बड़ा ब्रेक थी। इसके बाद उन्होंने 'मुसाफिर', 'शूटआउट एट लोखंडवाला' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी फिल्मों में भी संजय के साथ काम किया।
अभिनेत्री कोएना मित्रा ने भी संजय को अपना मेंटर बताते हुए उन्हें याद किया। संजय ने ही फिल्म 'मुसाफिर' से कोएना को बॉलीवुड में लॉन्च किया था। फिल्म के गाने 'ओ साकी साकी' में उनके डांस को काफी पसंद किया गया था। कोएना ने अपने पोस्ट में लिखा, ''वह कैमरे के पीछे एक जादूगर जैसे थे। उनकी शानदार सोच थी और वह एक ऐसे इंसान थे, जो हर पल को बच्चों जैसी खुशी के साथ जीते थे। उनकी प्यारी मुस्कान, नखरे, हर चीज के लिए उनका जुनून, उनका शानदार फैशन सेंस और परफेक्शन के लिए कभी समझौता न करने वाला नजरिया, उन्हें सबसे अलग बनाता है। उन्होंने चुनौती दी और किसी तरह अपने आसपास की हर चीज को बेहतर बना दिया। हमने एक फिल्म में शानदार पल साथ बिताए, जिन्हें मैं हमेशा संजोकर रखूंगी। यह सोचकर दिल टूटता है कि जिंदगी से भरा, जुनूनी और इतने हुनरमंद इंसान महज 59 साल की उम्र में चले गए।''
उन्होंने आगे लिखा, ''संजय गुप्ता के जाने से फिल्म इंडस्ट्री ने एक दूरदर्शी इंसान खो दिया है, और मैंने अपना मेंटर, दोस्त और ऐसा इंसान खो दिया है, जो हमेशा मेरे सफर का खास हिस्सा रहेगा। काश, मैं एक बार फिर उनकी आवाज सुन पाती, उनकी मुस्कान देख पाती और उनके जुनून से भरे गुस्से को देख पाती। कुछ विदाइयों को स्वीकार करना बहुत मुश्किल होता है और यह ऐसी ही एक विदाई है, जिसके लिए मैं अभी तैयार नहीं हूं।'' अपने पोस्ट के आखिर में कोएना ने लिखा, ''मुझ पर भरोसा करने, मुझे बॉलीवुड में शुरुआत देने और अपने असली अंदाज में रूबरू कराने के लिए आपका शुक्रिया। आप भले ही चले गए हों, लेकिन आपका बनाया जादू, हमारी यादें और मेरी जिंदगी पर आपकी छाप हमेशा रहेगी। आपकी बहुत याद आएगी।''
म्यूजिक कंपोजर अनु मलिक ने भी संजय के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, ''अपने जीनियस निर्देशक और प्यारे दोस्त संजय गुप्ता के अचानक निधन से मैं स्तब्ध हूं। मैं सौभाग्यशाली हूं कि उनके साथ कई फिल्मों में काम करने का मौका मिला। वह सिनेमा और म्यूजिक को लेकर सोच, रचनात्मकता और जुनून के तौर पर समय से बहुत आगे थे। वह एक राजा की तरह जीते थे और फिल्ममेकिंग को लेकर उनकी सोच हमेशा भविष्य को ध्यान में रखती थी, जिससे मुझे प्रेरणा मिलती थी।''
उन्होंने आगे लिखा, ''उनकी फिल्में और भारतीय सिनेमा में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। वह सोने जैसे दिल वाले सबसे दयालु लोगों में से एक थे। मैं इस दुखद नुकसान को समझ नहीं पा रहा हूं। मेरे प्यारे दोस्त, आपको हमेशा याद किया जाएगा।''
गौरतलब है कि संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर की रात मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया था। मुंबई पुलिस के मुताबिक, वह शुक्रवार देर रात बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे, जिससे उनके सिर में चोट लगी। घर में परिवार के सदस्य और घरेलू सहायक मौजूद थे लेकिन सभी सो रहे थे और उन्हें तुरंत घटना की जानकारी नहीं मिली। अगली सुबह परिवार ने उन्हें देखा और पुलिस को सूचना दी। वर्सोवा पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
संजय गुप्ता ने 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'कांटे', 'मुसाफिर', 'जिंदा', 'शूटआउट एट वडाला', 'जज्बा', 'काबिल' और 'मुंबई सागा' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी आखिरी निर्देशित फिल्म 'द मिरांडा ब्रदर्स' 2025 में रिलीज हुई थी।
--आईएएनएस
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