नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान में हुई रैली और राहुल गांधी की सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आंदोलन करके किसी को नहीं हटा सकते, भारत आंबेडकर के संविधान से चलता है, यहां बांग्लादेश जैसी स्थिति नहीं बन सकती।
आठवले ने एसआईआर का ब्योरा देते हुए बताया कि 13 करोड़ नामों की समीक्षा में 6.2 करोड़ स्थानांतरित, 2.8 करोड़ मृत और बाकी डुप्लीकेट या पता न अपडेट करने वाले मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना था।
रामदास आठवले ने इंडिया ब्लॉक की रैली पर कहा, ''राहुल गांधी बोल रहे हैं कि वो ज्ञानेश कुमार को हटाएंगे। वो कैसे हटा सकते हैं। आप ये मांग कर रहे हैं कि चुनावी सूची ठीक होनी चाहिए, उसमें वोट की चोरी नहीं होनी चाहिए। राहुल गांधी की मांग पर जो मतदाता सूची का परीक्षण हुआ, उसमें 13 करोड़ नामों की समीक्षा की गई। उसमें 6.2 करोड़ ऐसे लोग थे, जो स्थानांतरित हो चुके थे और उनके नाम दूसरी जगह पहले से दर्ज थे, लेकिन दूसरी जगह पर जो नाम हैं, उसे हटाया गया है।''
उन्होंने कहा कि 2.8 करोड़ ऐसे मतदाता थे, जिनका निधन हो चुका था, इसलिए उनके नाम हटा दिए गए। बोगस वोटिंग को टालने के लिए यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा 3 करोड़ ऐसे मतदाता थे, जिन्होंने अपने पते की जानकारी अपडेट नहीं की थी। वहीं, लगभग 1 करोड़ ऐसे मतदाता भी थे, जो एक जिले से दूसरे जिले या गांव से मुंबई जैसे शहरों में आ गए थे, इसलिए उनके नाम एक स्थान पर बनाए रखना आवश्यक था। पूरे देश के लोग मुंबई में रहते हैं। यदि किसी व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज है, तो नियम के अनुसार एक ही स्थान पर उसका नाम रहना चाहिए।
रामदास आठवले ने कहा कि मुझे लगता है कि इंडिया गठबंधन बहुत बड़ी परेशानी में है। प्रधानमंत्री मोदी ने विकास का जो रास्ता दिखाया है, उसकी वजह से देश दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। देश दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। सड़कें बेहतर बन रही हैं, 80 करोड़ लोगों को 7-8 सालों से अनाज मिल रहा है। इसके अलावा, 60 करोड़ लोगों के बैंक खाते भी खुले हैं। हवाई अड्डों का विकास हो रहा है, करोड़ों लोगों को आवास मिले हैं और सरकार ने अनेक जनकल्याणकारी निर्णय लिए हैं। हमारी सरकार की नीति हिंदू, मुस्लिम या किसी भी जाति-धर्म के व्यक्ति के साथ न्याय करने की है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता इस स्थिति से परेशान दिखाई देते हैं, लेकिन अगर किसी को पीएम मोदी को हटाना है, तो वह आंदोलन करके नहीं कर सकता। उसके लिए चुनाव का रास्ता है। 2029 के चुनाव में हम भी तैयार हैं और आप भी तैयार रहिए। यदि जनता राहुल गांधी और विपक्ष को बहुमत देती है तो वे सरकार बनाएंगे और यदि जनता पीएम मोदी को समर्थन देती है तो वे सरकार बनाएंगे।
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