मुंबई, 21 अगस्त (आईएएनएस)। जिस तरह मुख्य कलाकारों, गायकों और निर्माताओं ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है, ठीक उसी प्रकार चरित्र अभिनेताओं ने भी बॉलीवुड को एक नए आयाम तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हीं चरित्र अभिनेताओं में एक नाम अच्युत पोतदार का है।
ब्लॉकबस्टर मूवी '3 इडियट्स' में एक सख्त प्रोफेसर का किरदार निभाने वाले अभिनेता अच्युत पोतदार को आज भी लोग मूवी में उनके दो आइकॉनिक डायलॉग के लिए काफी पसंद करते हैं, जिसमें एक 'क्या बात है' और दूसरा 'अरे, कहना क्या चाहते हो?'
अच्युत पोतदार का जन्म 22 अगस्त 1934 को जबलपुर, मध्य प्रदेश में हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय रीवा में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। इसके बाद वह भारतीय सेना में शामिल हो गए और सेवा देते हुए वर्ष 1967 में कैप्टन के पद से रिटायर हुए।
सेना में वर्षों की नौकरी के बाद, उन्होंने 'इंडियन ऑयल' में वर्षों तक कार्यकारी (एग्जीक्यूटिव) के रूप में काम किया और वर्ष 1992 में वहां से भी रिटायर हुए। हालांकि, आईओसीएल में नौकरी के दौरान ही उन्होंने 44 वर्ष की आयु में 1980 में फिल्म 'आक्रोश' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा।
अपने 4 दशक से लंबे एक्टिंग करियर में अभिनेता ने 125 से अधिक बॉलीवुड और मराठी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा, उन्होंने कई टेलीविजन धारावाहिकों और नाटकों में काम किया। हालांकि, लोगों ने उनके जिस किरदार को सबसे ज्यादा पसंद किया, वह फिल्म '3 इडियट्स' में एक सख्त प्रोफेसर का था।
'3 इडियट्स' के अलावा, उन्होंने 'लगे रहो मुन्ना भाई', 'इश्क', 'राजू बन गया जेंटलमैन', 'दबंग 2', 'आक्रोश', 'तेजाब', 'परिंदा', 'रंगीला', 'वास्तव', 'परिणीता' जैसी फिल्मों में विभिन्न किरदार निभाए, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया। वहीं, टेलीविजन में उन्होंने 'वागले की दुनिया', 'भारत एक खोज', और मराठी धारावाहिक 'माझा होशील ना' में काम किया।
अच्युत पोतदार ने अपनी अंतिम सांस 18 अगस्त 2025 की रात को 90 वर्ष की आयु में मुंबई के ठाणे के एक अस्पताल में ली, लेकिन फिल्मों में अपनी भूमिका, खासकर '3 इडियट्स' में अपना प्रसिद्ध संवाद 'अरे भाई, कहना क्या चाहते हो', के लिए वह हमेशा याद किए जाते हैं।
--आईएएनएस
डीके/एबीएम