अहमदाबाद, 4 जून (आईएएनएस)। अहमदाबाद में 4 जून से 8 जून तक 'प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप' का आयोजन हो रहा है। योग में अपने तरह की यह पहली चैंपियनशिप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से आधिकारिक तौर पर चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप के माध्यम से योग को एक खेल के रूप में पहचान मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने कहा, "हर जीवन परंपरा समय के साथ नए चरण में प्रवेश करती है। योगासन की यह विश्व चैंपियनशिप इसी चरण का शुभारंभ है। इस चैंपियनशिप के माध्यम से योगासन को एक प्रतियोगी खेल के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुझे विश्वास है कि भविष्य में योगासन भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनाएगा।"
पीएम ने कहा, "अहमदाबाद की धरती से विश्व की खेल विरासत में एक और नया अध्याय जुड़ रहा है। पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप शुरू हो रही है। मैं इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने भारत आए सभी प्रतिभागियों का स्वागत करता हूं। अपनी शुभकामना देता हूं। अहमदाबाद यूनेस्को विश्व हेरिटेज सिटी है। भारत के इस ऐतिहासिक शहर में ये आयोजन गर्व की बात है। 21 जून को विश्व योगा दिवस मनाया जाएगा। इस दिन दुनिया के अलग-अलग देशों में योग से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इस बार मुख्य कार्यक्रम भारत के एक और ऐतिहासिक शहर कोलकाता में होगा। विश्व योगा दिवस से पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप हेल्थ और वेलनेस की डबल डोज की तरह है।"
पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप में 60 से ज्यादा देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित करते हुए कहा, "भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योगा 365 शुरू किया है। मैं इस विश्व योगासन चैंपियनशिप में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से भी आग्रह करूंगा। जब आप अपने देशों में लौटें तो योग के संदेश को साथ लेकर लौटें। आप सभी अपने देशों में 'योगा 365' के दूत बन सकते हैं। आपका अनुभव और आपका विश्वास पूरे विश्व को इस संदेश से जोड़ सकता है। इस प्रतियोगिता में जीत चाहे जिसकी भी हो, आप सभी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर पहले ही चैंपियन बन चुके हैं। आपकी प्रतिभा, आपका अनुशासन दुनियाभर के युवाओं को प्रेरित करेगा। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ मैं सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।"
--आईएएनएस
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