शहडोल, 22 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खाद्य एवं कृषि संगठन (एफपीओ) का सर्वोच्च सम्मान ‘एग्रीकोला मेडल’ मिलने पर युवा उद्यमी एवं ग्रेनॉक्सी यूनिट के संस्थापक और संचालक शुभम तिवारी ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारत की कृषि नीतियों, खाद्य सुरक्षा मॉडल और किसान-केंद्रित दृष्टिकोण की वैश्विक मान्यता है।
शुभम तिवारी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आज दुनिया भारत को कृषि और पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने खाद्य सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। कोविड जैसी कठिन परिस्थितियों में भी 80 करोड़ लोगों तक मुफ्त राशन पहुंचाना दुनिया के लिए एक उदाहरण रहा। किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों किसानों तक सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। साथ ही कृषि क्षेत्र में टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया गया, जिससे किसानों को वास्तविक लाभ मिला है।
शुभम तिवारी ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के खाद्य सुरक्षा मॉडल और कृषि नीतियों को गंभीरता से देख रही है। बड़े स्तर की जनसंख्या होने के बावजूद भारत ने खाद्यान्न प्रबंधन, डिजिटल वितरण प्रणाली और किसानों के समर्थन का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। एफपीओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा भारत की सराहना यह दर्शाती है कि भारत की नीतियां अब वैश्विक स्तर पर उदाहरण बन रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अपने किसानों और घरेलू कृषि हितों को प्राथमिकता दी है। वैश्विक दबावों के बावजूद एमएसपी, खाद्य भंडारण और किसानों को सहायता देने जैसी नीतियों को मजबूती से जारी रखा गया। आत्मनिर्भर कृषि मॉडल को बढ़ावा देकर भारत ने यह दिखाया है कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं।
मिलेट्स, डिजिटल एग्रीकल्चर और किसान कल्याण योजनाओं पर शुभम तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिले हैं। भारत ने मिलेट्स को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आज दुनिया मिलेट्स को सुपरफूड के रूप में देख रही है।
उन्होंने बताया कि वह स्वयं ग्रेनॉक्सी के माध्यम से शहडोल क्षेत्र में किसानों, महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप और मिलेट बेस्ड फूड इकोसिस्टम के साथ काम कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर मिलेट्स के प्रति लोगों की जागरूकता और मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुधारने और सस्टेनेबल फार्मिंग को बढ़ावा मिल रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, डीबीटी और तकनीक आधारित कृषि योजनाओं ने किसानों तक सीधे लाभ पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। यह बदलाव केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में वास्तविक रूप से दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक लोकप्रियता पर शुभम तिवारी ने कहा कि भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख ने भारतीय कृषि कूटनीति को नई ताकत दी है। आज भारत की 'फार्मर फर्स्ट' नीति, प्राकृतिक खेती और मिलेट्स आधारित न्यूट्रिशन मॉडल को वैश्विक स्तर पर गंभीरता से देखा जा रहा है। मिलेट्स को लेकर भारत की पहल ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है, जिसका लाभ देश के किसानों और मिलेट स्टार्टअपस को भी मिल रहा है। ग्रेनोक्सी जैसे इमर्जिंग मिलेट ब्रांड्स के लिए यह बड़ा अवसर है कि भारत के पारंपरिक अनाजों को ग्लोबल हेल्दी फूड मार्केट तक पहुंचाया जा सके।
--आईएएनएस
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