भोपाल, 22 मई (आईएएनएस)। ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया, जब मुख्य आरोपी और ट्विशा का पति समर्थ सिंह जबलपुर जिला अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुंचा।
ट्विशा शर्मा के जीजा सौरभ शर्मा ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि पूरा सिस्टम समर्थ सिंह के समर्थन में दिखाई दे रहा है। समर्थ सिंह सुबह से ही जबलपुर में मौजूद था, लेकिन न तो पुलिस उसे देख पाई और न ही एसआईटी की नजर उस पर पड़ी। सौरभ शर्मा ने कहा कि परिवार के लोगों को कोर्ट परिसर से बाहर कर दिया गया, जबकि समर्थ सिंह अंदर मौजूद रहा।
उन्होंने कहा, "खतरा हमें है। समर्थ सिंह के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी है, उस पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित है, लेकिन इसके बावजूद उसे पकड़ा नहीं जा रहा। अगर उसने सरेंडर किया है, तो वह खुद अंदर है, लेकिन हम लोग अंदर नहीं जा पा रहे हैं।"
सौरभ शर्मा ने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई जाती है, फिर उसे वापस लिया जाता है और उसके बाद भोपाल से जबलपुर पहुंचकर सरेंडर किया जाता है। यह सब बिना किसी रणनीति के नहीं हो सकता।
इधर, ट्विशा शर्मा के भाई आशीष शर्मा ने कहा कि पिछले दस दिनों से परिवार लगातार न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब प्रशासन को बिना देरी किए पूरी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि जल्द से जल्द सच सामने आ सके और परिवार को न्याय मिल सके।
ट्विशा की बहन ने भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि घटना के महज दो से तीन घंटे के भीतर करीब 40 फोन कॉल किए गए थे, जो यह दिखाता है कि सामने वाले लोग कितने प्रभावशाली हैं। उन्होंने कहा कि परिवार को मध्य प्रदेश सरकार पर भरोसा नहीं है और वे चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार भी इस जांच में शामिल हो, क्योंकि ट्विशा और उनका परिवार उत्तर प्रदेश से है।
ट्विशा शर्मा के चाचा लोकेश शर्मा ने भी इस मामले में सीबीआई जांच को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि बिना सीबीआई जांच के पीड़िता को न्याय मिलना मुश्किल था। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने मामले की गंभीरता को समझा है। साथ ही उन्होंने बताया कि जबलपुर हाईकोर्ट में भी इस मामले को लेकर सुनवाई प्रस्तावित है और परिवार की ओर से याचिका भी दाखिल की गई है।
इस बीच यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। शहडोल में महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव मधु शर्मा ने ट्विशा शर्मा मौत मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि देश में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां पढ़ी-लिखी और सशक्त महिलाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई और बाद में उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
मधु शर्मा ने आरोप लगाया कि ट्विशा शर्मा ने अपनी मां और परिवार को पहले ही बताया था कि उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। समर्थ सिंह के चरित्र और व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। महिला कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि जिस परिवार में ट्विशा की शादी हुई, वहां उनकी सास रिटायर्ड जज हैं, ऐसे में केस को दबाने की कोशिश हो सकती है क्योंकि परिवार का प्रभाव ऊंचे स्तर तक है। महिला कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर देशभर में आंदोलन करेगी।
इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी थी। ट्विशा की बहन मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि दिल्ली से विशेषज्ञ टीम के आने का इंतजार किया जा रहा है। टीम के पहुंचने के बाद दूसरा पोस्टमार्टम किया जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
--आईएएनएस
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