नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शनिवार को 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' विषय पर 45 मिनट का विशेष इंटरएक्टिव टॉकाथॉन आयोजित किया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, शिक्षकों और देशभर के हजारों छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे जुड़कर नशे की समस्या, मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्त जीवन से जुड़े सवालों पर खुलकर चर्चा की।
सीबीएसई ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को देश को नशे और मादक पदार्थों की बुराई से मुक्त करने का आह्वान किया था। इसी दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए इस टॉकाथॉन का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम से पहले सीबीएसई ने छात्रों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर नशा मुक्त युवा और सीबीएसई टॉकाथॉन हैशटैग के साथ सवाल आमंत्रित किए थे। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों के सवालों के जवाब लाइव दिए।
विशेषज्ञ पैनल में एम्स, नई दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर (डॉ.) नंद कुमार, मयूर स्कूल नोएडा की प्रिंसिपल अलका अवस्थी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अनीस सी. शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, सेक्टर-4 आर.के. पुरम की कक्षा 12 की छात्रा समिया और पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर-3, दिल्ली कैंट के कक्षा 12 के छात्र रोहित सिंह ने किया। कार्यक्रम के तकनीकी और प्रसारण सहयोग की जिम्मेदारी दूरदर्शन समाचार (डीडी न्यूज) ने संभाली।
टॉकाथॉन के दौरान छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य, साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर) से कैसे निपटें, नशे की लत से मुक्ति के उपाय और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने जैसे विषयों पर सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने इन सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए छात्रों को जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने की सलाह दी।
सीबीएसई के अनुसार, कार्यक्रम को आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारित किया गया। सोशल मीडिया पर भी इस पहल को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और कार्यक्रम के दौरान सीबीएसई टॉकाथॉन हैशटैग भारत में नंबर-1 ट्रेंड करता रहा। बोर्ड ने इसे युवाओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
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