प्रधानमंत्री मोदी काफी लोकप्रिय, वैश्विक मंच पर भारत को दिलाया अहम स्थान : नॉर्वे के विदेश मंत्री (आईएएनएस साक्षात्कार)

pm modi in norway

ओस्लो, 19 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्त आईडे ने भारत का लोकप्रिय और प्रभावशाली राजनेता बताया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत और महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ओस्लो दौरे को सफल और बेहद उपयोगी बताया। इस दौरान भारत और नॉर्वे के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और नवाचार से लेकर ग्रीन ग्रोथ तक कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच बनी यह साझेदारी भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करेगी तथा सतत विकास और पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में मिलकर काम करने में मदद करेगी।

आईएएनएस से खास बातचीत करते हुए एस्पेन ने पीएम मोदी के दौरे के दौरान हुई चर्चा और समझौतों का उल्लेख किया।

नॉर्वेजियन विदेश मंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने 43 साल बाद पहली बार ओस्लो का दौरा किया है, जो बहुत सफल और उपयोगी रहा। उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और बहुत तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। आने वाले समय में यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। भारत एक बहुत महत्वपूर्ण और नवाचार से भरपूर साझेदार है।

वैश्विक हालात बदल रहे हैं, भारत का कद भी बढ़ा है, ऐसे में नॉर्वे को भी उम्मीदें कम नहीं हैं। एस्पेन ने कहा, "बदलते वैश्विक हालात में पुराने तरीके और पारंपरिक गठबंधन पर फिर से विचार करने की जरूरत है, और इस काम में भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ना बहुत अच्छा है। भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत साझेदारी है और हाल ही में कई रचनात्मक बैठकें भी हुईं। बिजनेस राउंडटेबल दोनों पक्षों के लिए सकारात्मक रहा।"

एस्पेन ने विशेष रूप से “ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” का उल्लेख किया, जिसके तहत दोनों देश मिलकर आर्थिक विकास को आगे बढ़ा सकते हैं, लेकिन साथ ही पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाएगा। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा का बेहतर उपयोग, सर्कुलर इकोनॉमी और सतत विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी में निवेश लंबे समय में सबसे किफायती और लाभदायक ऊर्जा स्रोत बन सकता है, जिससे देशों को ऊर्जा में आत्मनिर्भरता भी मिलेगी। इस तरह हम अपनी साझेदारी को नए मुकाम तक ले जाएंगे।

भारत की आर्थिक वृद्धि पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "सिर्फ तेज विकास ही नहीं, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि यह विकास कितना गुणवत्तापूर्ण और समान रूप से सभी लोगों तक पहुंच रहा है। विकास ऐसा होना चाहिए जो समावेशी और पर्यावरण के अनुकूल हो।"

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दुनिया अभी पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाई है, लेकिन पहले की तुलना में स्थिति बेहतर हुई है क्योंकि अब देश ग्रीन ग्रोथ की जरूरत समझने लगे हैं।

विदेश मंत्री एस्पेन ने कहा, "आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन तीनों मिलकर ही वास्तविक और स्वस्थ विकास बनाते हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत की वैश्विक भूमिका और जिम्मेदार रुख की सराहना करते हैं। भारत जैसे बड़े देश के साथ वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करना महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा, "वे भारत के काफी लोकप्रिय नेता हैं और उन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। मुझे खुशी है कि सोमवार (18 मई) रात मेरी उनसे लंबी बातचीत हुई। मेरा भारत से व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है। 1974 में मैं पहली बार वहां गया था। वाराणसी की भी यात्रा की थी, वही जगह जहां से पीएम मोदी सांसद हैं।"

--आईएएनएस

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