भागलपुर, 3 फरवरी (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत किए जाने के फैसले का बिहार के भागलपुर में ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यों ने स्वागत किया। चैंबर के पदाधिकारियों और व्यवसायियों ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत कूटनीति और आर्थिक नेतृत्व का परिणाम बताया।
ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यों ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि ट्रेड वॉर और टैरिफ वॉर के दौर में भारत ने अपनी आर्थिक ताकत का परिचय दिया है। उनका कहना है कि यूरोपीय देशों के साथ हुए बड़े व्यापारिक समझौतों के बाद अमेरिका को भी अपना रुख बदलना पड़ा और टैरिफ में कटौती करनी पड़ी।
चैंबर के अध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने कहा, “टैरिफ और ट्रेड वॉर के बीच जब बड़े स्तर पर व्यापारिक समझौते हुए, तब अमेरिका को भी भारत के साथ टैरिफ डील करनी पड़ी। 25 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत तक टैरिफ आना यह दिखाता है कि मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका निर्णायक है।”
सीए पुनीत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के अनुभव और कार्यशैली के कारण ही अमेरिकी सरकार को टैरिफ घटाने का फैसला लेना पड़ा। यह भारत की बढ़ती आर्थिक साख को दर्शाता है।”
व्यवसायी रोहन शाह ने कहा कि देश लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “पहले वैश्विक मंच पर भारत की उपस्थिति सीमित थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहरा रहा है।”
इंजीनियर गौरव बंसल ने कहा कि यूरोपीय यूनियन के साथ हुए समझौतों के बाद अमेरिका को टैरिफ घटाने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, “इस फैसले से आयात-निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।”
सर्राफा व्यवसायी अनिल ने कहा कि भारत की आर्थिक ताकत लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में वैश्विक व्यापार समीकरण और मजबूत होंगे।
वहीं, दवा कारोबारी प्रदीप जैन ने कहा कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा, “ऐसे में भारत की अनदेखी किसी भी देश के लिए संभव नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति को टैरिफ में कटौती करनी ही थी, और आगे भी इसमें और कमी देखने को मिल सकती है।”
--आईएएनएस
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