दिल्ली: पूर्व मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को आय से अधिक संपत्ति मामले में क्लीनचिट

दिल्ली: पूर्व मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को आय से अधिक संपत्ति मामले में क्लीनचिट

फतेहपुर, 3 फरवरी (आईएएनएस)। फतेहपुर से सांसद रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को आय से अधिक मामले में दिल्ली की जन लोकपाल की अदालत ने क्लीनचिट दी है। उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का केस आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने दर्ज कराया था। आरोप था कि 2014 में सांसद बनने के बाद उन्होंने संपत्तियां भ्रष्टाचार से बनाई हैं।

लोकपाल की उच्चस्तरीय पांच सदस्यीय बेंच में शामिल जस्टिस एएम खानविलकर, संजय यादव, सुशील चंद्र, ऋतुराज अवस्थी और अजय तिर्की ने सुनवाई की। साध्वी निरंजन ज्योति की ओर से अधिवक्ता जगदीश चंद्र ने पक्ष रखा।

यह फैसला दो फरवरी को सुनाया गया, लेकिन फैसले की प्रति मंगलवार को सार्वजनिक हुई। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पद पर रहते हुए मुखलाल पाल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति पर अवैध रूप से करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने इसको आधार मानते हुए जन लोकपाल की अदालत में पूर्व केंद्रीय मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।

ठाकुर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 2014 में सांसद बनने के बाद साध्वी की चल और अचल संपत्ति में भारी वृद्धि हुई है। आरोप था कि उन्होंने ये संपत्तियां भ्रष्टाचार के माध्यम से जुटाई हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकपाल की उच्चस्तरीय पांच सदस्यीय बेंच ने सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान साध्वी निरंजन ज्योति की तरफ से उनके वकील जगदीश चंद्र ने पक्ष रखा और दस्तावेजी साक्ष्यों के जरिए सभी आरोपों का जोरदार खंडन किया।

अदालत ने सभी साक्ष्यों पर गौर किया और पाया कि ये सारे आरोप पूरी तरह से निराधार थे। अदालत ने पाया कि आरोप साध्वी निरंजन ज्योति की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए थे। शिकायतों और आरोपों का कोई ठोस आधार न पाते हुए लोकपाल ने मामले को खारिज कर दिया।

इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अदालत के फैसले को सत्य की जीत और झूठे आरोप लगाने वालों के लिए सबक बताया है। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता में हमेशा से जनसेवा रही है। जनता इस बात को जानती है कि उन्होंने जनहित में कितने काम किए हैं।

--आईएएनएस

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