खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी को मिला अंतरराष्ट्रीय 'एग्रीकोला मेडल' : शिवराज सिंह चौहान

खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी को मिला अंतरराष्ट्रीय 'एग्रीकोल मेडल': शिवराज सिंह चौहान

हैदराबाद, 21 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूएन की संस्था एफएओ द्वारा दिया सर्वोच्च सम्मान 'एग्रीकोला मेडल' दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने खाद्य सुरक्षा में भारत की नहीं, बल्कि दुनिया की चिंता की है। इसके साथ ही, इस सम्मान के जरिए प्रधानमंत्री के देश के कृषि उत्पादन और गुणवत्ता को बढ़ाने और रिसर्च आदि की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान को प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप श्री अन्ना के लिए एक वैश्विक संस्था बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके मुताबिक ही किसानों तक रिसर्च कैसे पहुंचाया जाए और श्री अन्ना का उत्पादन कैसे बढ़ाया जाए, इस पर इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास और रिसर्च कार्य चल रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी को बुधवार को इटली के रोम स्थित खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में वर्ष 2026 का 'एग्रीकोला मेडल' प्रदान किया गया। यह एफएओ का सर्वोच्च सम्मान है।

एफएओ के महानिदेशक ने ऐतिहासिक एफएओ प्लेनरी हॉल में प्रधानमंत्री मोदी को यह पदक प्रदान किया। संगठन के अनुसार, यह सम्मान खाद्य सुरक्षा, कृषि विकास और किसानों के कल्याण में उनके योगदान के लिए दिया गया।

प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए क्यू डोंग्यू ने कहा कि यह सम्मान कृषि उत्पादकता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा मजबूत करने और किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इससे पहले, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा था कि पूर्वी भारत, देश के कृषि विकास का ग्रोथ इंजन बन सकता है।

भुवनेश्वर के मेफेयर कन्वेंशन में पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए, कृषि मंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वी भारत की कृषि, किसानों की आजीविका और क्षेत्रीय कृषि रणनीति को नई दिशा देने के लिए गंभीर विचार-विमर्श का मंच है। साथ ही, उन्होंने पूर्वी भारत की कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ, वैज्ञानिक और लाभकारी बनाने का सशक्त आह्वान किया।

--आईएएनएस

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