80वां स्वतंत्रता दिवस : पीएम मोदी लाल किले से करेंगे मुख्य कार्यक्रम का नेतृत्व, पहली बार गूंजेगा 'वंदे मातरम'

पीएम मोदी 15 अगस्त को लाल किले से करेंगे 80वें स्वतंत्रता दिवस का नेतृत्व, पहली बार गूंजेगा 'वंदे मातरम'

नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को दिल्ली के लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। यह भव्य कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150 साल पुरानी विरासत को याद करने और 2047 तक देश को 'विकसित भारत' बनाने की यात्रा में 'युवा शक्ति' की ऊर्जा, आकांक्षाओं और अहम योगदान का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। लाल किले पर होने वाले इस समारोह में पहली बार 'वंदे मातरम' की प्रस्तुति दी जाएगी।

लाल किले पर पहुंचने पर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। रक्षा सचिव, प्रधानमंत्री को जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), दिल्ली एरिया, लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी से मिलवाएंगे। इसके बाद जीओसी, दिल्ली एरिया प्रधानमंत्री को 'सैल्यूटिंग बेस' तक ले जाएंगे, जहां इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस का संयुक्त गार्ड प्रधानमंत्री को 'जनरल सैल्यूट' देगा। इसके बाद, प्रधानमंत्री 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण करेंगे।

प्रधानमंत्री के लिए 'गार्ड ऑफ ऑनर' दल में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस से एक-एक अधिकारी और 24-24 जवान शामिल होंगे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए भारतीय सेना समन्वय सेवा की भूमिका निभा रही है। 'गार्ड ऑफ ऑनर' की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे। प्रधानमंत्री के गार्ड में सेना के दल की कमान मेजर आदित्य शर्मा, नौसेना के दल की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर नीलम राणा और वायु सेना के दल की कमान स्क्वाड्रन लीडर विपिन कुमार संभालेंगे।

दिल्ली पुलिस के दल की कमान एडिशनल डीसीपी विनीत कुमार संभालेंगे। गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद, प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ उनका स्वागत करेंगे। दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्राचीर पर बने मंच तक ले जाएंगे।

कैप्टन सोनिया सिंह चौहान राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी। यह प्रक्रिया 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के बहादुर गनर्स द्वारा दी जाने वाली 21-तोपों की सलामी के साथ तालमेल बिठाकर की जाएगी। स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का उपयोग करने वाली इस सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभालेंगे और गन पोजीशन ऑफिसर नायब सूबेदार (गनरी में सहायक प्रशिक्षक) अनुतोष सरकार होंगे।

थल सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के एक-एक अधिकारी और 32 अन्य रैंक के जवानों से बनी राष्ट्रीय ध्वज गार्ड, प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के समय 'राष्ट्रीय सलामी' देगी। मेजर लोकेंद्र सिंह शेखावत इस इंटर-सर्विसेज गार्ड और पुलिस गार्ड की कमान संभालेंगे।

राष्ट्रीय ध्वज गार्ड में शामिल थल सेना की टुकड़ी की कमान मेजर विकास यादव, नौसेना की टुकड़ी की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर अभिलाष और वायु सेना की टुकड़ी की कमान स्क्वाड्रन लीडर उमेश जी संभालेंगे। दिल्ली पुलिस की टुकड़ी की कमान अतिरिक्त डीसीपी विकास मीणा संभालेंगे।

ध्वजारोहण के बाद, तिरंगे को 'राष्ट्रीय सलामी' दी जाएगी। एक जेसीओ और 25 अन्य रैंक के जवानों वाला आर्मी बैंड 'वंदे मातरम' की धुन बजाएगा और लाल किले में मौजूद सभी लोग राष्ट्रगीत गाएंगे। इसके बाद राष्ट्रगान का गायन होगा। बैंड का संचालन सूबेदार ईश्वर सिंह करेंगे।

जैसे ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, भारतीय वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर कार्यक्रम स्थल पर फूलों की बारिश करेंगे। एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा 'वंदे मातरम' वाला ध्वज लेकर उड़ेगा। हेलीकॉप्टरों के कप्तान विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वार्ष्णेय होंगे।

फूलों की बारिश के बाद, प्रधानमंत्री देश को संबोधित करेंगे। उनके भाषण के समापन पर, नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और 'माई भारत' के स्वयंसेवक राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गाएंगे और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। इस समारोह में कुल 2,500 लड़के और लड़कियां (सेना, नौसेना और वायु सेना के कैडेट) और 'माई भारत' के स्वयंसेवक भाग लेंगे। ये कैडेट और 'माई भारत' के स्वयंसेवक प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर बैठेंगे। वे 'वंदे मातरम' की आकृति बनाएंगे। ज्ञानपथ पर 'विकसित भारत 2047' की थीम को दर्शाने वाले कट-आउट लगाए जाएंगे।

इस साल लाल किले पर होने वाले जश्न को देखने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से लगभग 5,000 खास मेहमानों को बुलाया गया है। मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए खास तैयारी की गई है। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान विजिटर्स ने क्लॉक रूम की सुविधा की तारीफ की थी। लोगों की आसानी के लिए, आने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए छह जगहों पर 25 क्लॉक रूम बनाए गए हैं।

हेल्पडेस्क पर 200 वॉलंटियर्स (100 एनसीसी से और 100 'माई भारत' से) रहेंगे। ये पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर विजिटर्स को एन्क्लोजर तक पहुंचने में मदद करेंगे। लाल किले के रास्ते में इन वॉलंटियर्स की पहचान की जा सकती है। जिन विजिटर्स को व्हीलचेयर की मदद चाहिए, उनके लिए मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग एरिया में एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहेंगे।

कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए 15 अगस्त को सुबह 4 बजे से मेट्रो सेवाएं चालू रहेंगी। सभी आमंत्रित लोगों को मेट्रो सेवाएं मुफ्त में दी जाएंगी। ई-निमंत्रण के साथ मेट्रो क्यूआर कोड भी दिए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

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