नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) 21 जून को पूरे देश में नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) 2026 के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करेगी। हालांकि, इसी बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई कि नीट-यूजी 2026 के री-एग्जाम में शामिल होने वाले नागपुर के एक उम्मीदवार को अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है।
इसी के संबंध में एनटीए ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में सफाई दी। एनटीए ने लिखा कि नीट (यूजी) 2026 की तारीख बदलकर 21 जून किए जाने के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने उम्मीदवारों की मदद के लिए परीक्षा-शहर में सुधार (करेक्शन) करने की सुविधा फिर से शुरू की थी।
एनटीए ने बताया कि लगभग 3.2 लाख उम्मीदवारों ने सुधार सुविधा का उपयोग किया और आयोग ने उनमें से 99.5 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवारों को उनकी पसंद का परीक्षा शहर आवंटित किया।
'अबू धाबी' वाले मामले पर एनटीए ने बताया कि वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड से पता चलता है कि इस मामले में शहर बदलने का काम करेक्शन विंडो के खुले रहने के दौरान उम्मीदवार के अपने रजिस्टर्ड लॉगिन के माध्यम से किया गया था, जिसमें एक ही यूजर के एक्सेस करने का पैटर्न दिखा।
एनटीए ने बताया कि उम्मीदवार के अबू धाबी केंद्र चुनने के बावजूद, एनटीए को 19 जून की शाम (परीक्षा से ठीक 48 घंटे पहले) केंद्र बदलकर नागपुर करने का एक अनौपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ। एनटीए के कर्मचारियों ने तुरंत बदलाव की प्रक्रिया शुरू की और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने में मदद के लिए 19 तारीख की शाम को ही उम्मीदवार के पिता से संपर्क किया गया।
इस दौरान एनटीए ने देखा कि तीन मौकों पर एक उम्मीदवार की जानकारी (क्रेडेंशियल्स) का उपयोग करके केंद्र को अबू धाबी में बदला गया और दो बार यह देखा गया कि केंद्र अबू धाबी था। इसके बावजूद, एनटीए ने उम्मीदवार के अनुरोध को स्वीकार किया और केंद्र बदलने की कार्रवाई की।
एनटीए ने पोस्ट में साफ किया कि एजेंसी की प्राथमिकता है कि कोई भी उम्मीदवार किसी प्रशासनिक संदेह के कारण परीक्षा देने से न चूके।
--आईएएनएस
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