मांजलपुर, 3 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. अनिलभाई पटेल ने मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की प्रचंड जीत पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने इसके लिए मांजलपुर की समस्त जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह विजय स्थानीय स्तर पर दिन-रात मेहनत करने वाले भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का परिणाम है। मैं सभी कार्यकर्ताओं को उनके समर्पण एवं परिश्रम के लिए हृदय से बधाई देता हूं। यदि इस चुनाव परिणाम का संदेश समझा जाए, तो यह स्पष्ट है कि कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को जनता ने पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। मांजलपुर विधानसभा क्षेत्र के 260 मतदान केंद्रों में से अनेक बूथों पर कांग्रेस अपने पोलिंग एजेंट तक नियुक्त नहीं कर सकी। कई मतदान केंद्रों के बाहर अपने कार्यकर्ताओं के बैठने की भी व्यवस्था नहीं कर सके। यह स्थिति स्वयं कांग्रेस की कमजोर होती संगठनात्मक स्थिति को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि यह परिणाम इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस पूरे गुजरात में लगातार अपना जनाधार खोती जा रही है। संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा अन्य नेताओं के व्यवहार और उनकी भाषा से देश की जनता निराश है। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की विकास, सुशासन और जनकल्याण आधारित राजनीति को जनता लगातार अपना समर्थन दे रही है। कांग्रेस ने इस उपचुनाव में सुनियोजित तरीके से कम मतदान कराने का प्रयास किया, ताकि हर बार होने वाली उसकी करारी हार का अंतर कम किया जा सके। इसी उद्देश्य से पूरे दिन हंगामा करने, तनाव का वातावरण बनाने तथा मतदाताओं को मतदान से रोकने के लिए विभिन्न प्रकार के हथकंडे अपनाए गए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की पूरी कोशिश मतदान प्रतिशत कम रखने की थी, लेकिन मांजलपुर की जागरूक जनता ने लोकतंत्र में अपना विश्वास व्यक्त करते हुए बड़ी संख्या में मतदान किया और भाजपा के पक्ष में अपना स्पष्ट जनादेश दिया। स्वर्गीय योगेशभाई पटेल द्वारा वर्षों तक किए गए जनसेवा के कार्यों तथा भाजपा उम्मीदवार सतीशभाई पटेल की सार्वजनिक जीवन में की गई सेवाओं और उनकी सकारात्मक छवि के परिणामस्वरूप भारतीय जनता पार्टी ने 30,500 से अधिक मतों की शानदार बढ़त के साथ ऐतिहासिक विजय प्राप्त की है।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव का एक और महत्वपूर्ण संदेश यह है कि 'कभी साथी, कभी तलाक' की राजनीति करने वाली कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने षड्यंत्रकारी राजनीति के तहत अप्रत्यक्ष रूप से मिलकर चुनाव लड़ा। आम आदमी पार्टी ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा, इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज कर यह सिद्ध कर दिया कि जनता का विश्वास भाजपा के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है। कुल पड़े मतों में लगभग 68 से 70 प्रतिशत मत भारतीय जनता पार्टी को प्राप्त हुए हैं और हर बार की तरह इस बार भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
--आईएएनएस
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