नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयानों और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री की राजनीति तुष्टीकरण पर आधारित है और इससे राज्य की सामाजिक एकता तथा सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है।
भाजपा ने कहा कि पिछले एक दशक में राज्य सरकार ने मुस्लिम समुदाय के भीतर असुरक्षा और पीड़ित होने की भावना को बढ़ावा दिया है। उनके अनुसार, यह राजनीति समुदाय के सशक्तीकरण के बजाय उसे राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल करने की रणनीति का हिस्सा है।
भाजपा का दावा है कि राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए। पार्टी नेताओं के मुताबिक, मुसलमानों को अब भी शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के मामले में अपेक्षित अवसर नहीं मिल रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के अनुसार बड़ी संख्या में मुस्लिम युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में मजदूरी करने के लिए मजबूर हैं और राज्य की जेलों में बंद लोगों में भी इस समुदाय के युवाओं की संख्या अधिक बताई जाती है। भाजपा के अनुसार, यह राज्य सरकार के विकास के दावों पर सवाल खड़ा करता है।
भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि गरीब मुस्लिम परिवार अपने बच्चों को कमजोर बुनियादी ढांचे वाले मदरसों में पढ़ाने को मजबूर हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के नेता अपने बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं।
भाजपा ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह अल्पसंख्यकों के बीच भाजपा का डर दिखाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही हैं। पार्टी का कहना है कि इससे समाज में विभाजन की स्थिति बन रही है और राज्य की सामाजिक संरचना प्रभावित हो रही है।
पार्टी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस अल्पसंख्यकों के बीच पैदा किए गए भय का इस्तेमाल राजनीतिक रणनीति के रूप में कर रही है, जिससे बहुसंख्यक समाज को भी प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने एक बहुत बड़ी और गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि जानबूझकर खुली छोड़ी गई सीमाएं, सरकारी मदद से होने वाली घुसपैठ और अंधाधुंध तुष्टीकरण का यह मेल बंगाल के लिए घातक है। यह सब मिलकर हमारे राज्य को बहुत तेजी से और एक सोची-समझी साजिश के अंतर्गत 'पश्चिम बांग्लादेश' में बदल रहा है।
उन्होंने कहा, "भाइयों और बहनों, ममता सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड गवाह है कि इन्होंने हमेशा देशहित के खिलाफ काम किया है। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ हिंसक और राष्ट्र-विरोधी प्रदर्शनों की साजिश रची। इससे यह साबित हो गया है कि वे अवैध घुसपैठियों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं, भले ही इससे देश की सुरक्षा को खतरा क्यों न हो।"
उन्होंने कहा कि कल तक ममता बनर्जी का प्रचार भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक राजनीतिक हमले के रूप में छिपा हुआ था। पर कल उन्होंने हर साधारण बंगाली नागरिक की सुरक्षा और वजूद के लिए सीधी धमकी देकर उस आखिरी और अक्षम्य सीमा को पार कर दिया जिसे कभी माफ नहीं किया जा सकता। उनका हाल ही में दिया गया बयान, केवल उनके असली चेहरे का बेनकाब होना नहीं है, बल्कि इस राज्य के मूल निवासियों के खिलाफ युद्ध की एक खौफनाक और बेशर्म घोषणा है।
उन्होंने कहा कि खुले तौर पर जनसांख्यिकीय बदलाव को उकसाकर और कट्टरपंथी, राष्ट्र-विरोधी तत्वों का हौसला बढ़ाकर, ममता बनर्जी ने अब केवल वोट-बैंक की राजनीति करना छोड़ दिया है और अब वे सक्रिय रूप से राज्य के पूर्ण पतन की साजिश रच रही हैं। जनसांख्यिकीय वास्तविकता एक डरावनी चेतावनी है क्योंकि उनके विनाशकारी शासन में, सीमावर्ती जिलों की आबादी का ढांचा पूरी तरह बदल चुका है, जिसे अब ठीक नहीं किया जा सकता।
भाजपा ने कहा कि बंगाल की प्राचीन और समृद्ध संस्कृति को सरकारी संरक्षण में घुसपैठियों के जरिए योजनाबद्ध तरीके से मिटाया और खत्म किया जा रहा है। यह एक ऐसी साजिश है जिसका उद्देश्य मूल बंगालियों को उनकी अपनी ही पुरखों की धरती पर सताया हुआ अल्पसंख्यक बना देना है। पश्चिम बंगाल के लोग आज एक गहरे विनाश की ओर देख रहे हैं।
भाजपा ने कहा कि अब यह पश्चिम बंगाल के अस्तित्व को बचाने की एक आखिरी आर-पार की लड़ाई है। भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल, इस धोखेबाज और बंगाल-विरोधी एजेंडे के खिलाफ रक्षा की आखिरी और मजबूत दीवार बनकर खड़ी है। और यह पश्चिम बंगाल के इस सोचे-समझे विनाश को नहीं होने देगी। भाजपा एक गौरवशाली, सुरक्षित और समृद्ध 'विकसित पश्चिम बंगाल' बनाने के लिए अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगी।
--आईएएनएस
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