पटियाला, 27 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम के तहत देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को खेलों से जुड़ने, फिटनेस को प्राथमिकता देने और 'खेलो इंडिया' अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पटियाला स्थित पंजाबी विश्वविद्यालय में भी विद्यार्थियों को दिखाया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर (वीसी) और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अरुंधती चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। दोनों ने विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और खेलों के महत्व पर बातचीत की।
वाइस चांसलर ने कहा कि 'खेलो इंडिया' जैसे कार्यक्रमों से बच्चों को खेलों के साथ जोड़ने में मदद मिल रही है। खेलों के माध्यम से युवाओं की फिटनेस बेहतर होती है और उनका समय सकारात्मक गतिविधियों में इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा कि खेल तनाव और अवसाद जैसी स्थितियों से निपटने में भी मददगार हो सकते हैं और युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में खेलों का बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में भी सुधार देखने को मिला है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से नौकरी तथा पुरस्कार जैसी सुविधाएं दिए जाने से युवाओं में खेलों को करियर के रूप में अपनाने का उत्साह बढ़ा है।
अरुंधती चौधरी ने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए अपने खेल जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वह राजस्थान के कोटा से हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन स्तर की प्रतियोगिताओं तथा जूनियर नेशनल प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए हैं।
चौधरी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल में हार हो या जीत, सबसे महत्वपूर्ण निरंतर मेहनत और आगे बढ़ने का जज्बा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश युवाओं तथा खिलाड़ियों के साथ खड़ा है। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए पूरी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में पंजाबी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। बीटेक के विद्यार्थी अंसुल आलूवालिया ने कहा कि 'खेलो इंडिया संवाद' के माध्यम से उन्हें खेलों में हो रहे बदलावों और सरकार की खेल नीतियों के बारे में जानने का अवसर मिला।
वहीं, यूनिवर्सिटी की छात्रा और एनएसएस स्वंयसेवक खुशदीप कौर ने कहा कि कार्यक्रम में खिलाड़ियों के संघर्ष, चोटों और खेल जीवन के अनुभव सुनकर विद्यार्थियों को काफी प्रेरणा मिली। खिलाड़ियों की मेहनत और उनका दृढ़ संकल्प युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
बीटेक की छात्रा गौरी ने कहा कि उन्होंने कुछ समय पहले खेल छोड़ दिया था, लेकिन 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद दोबारा खेलों से जुड़ने की इच्छा पैदा हुई है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी भाग लेना चाहिए।
--आईएएनएस
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