नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। हमारे शरीर में खाना खाने के बाद कई तरह की प्रक्रियाएं शुरू हो जाती हैं। खाना पेट में पहुंचता है, पेट उसे पचाने का काम शुरू करता है और आंतें भी अपना काम तेज कर देती हैं। यही वजह है कि कुछ लोगों को खाना खाने के कुछ ही समय बाद टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होने लगती है।
खासकर सुबह नाश्ता करने के बाद ऐसा होना काफी आम है। कई लोग इसे देखकर सोचते हैं कि जो खाना अभी खाया है, वह तुरंत बाहर निकल रहा है। लेकिन ऐसा नहीं होता। हमारे शरीर को भोजन को पचाने और उसे मल में बदलने में कई घंटे लगते हैं।
खाना खाने के बाद जल्दी टॉयलेट जाने की इच्छा होने के पीछे शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया काम करती है। इसे डॉक्टर गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स कहते हैं। दरअसल, जब भोजन पेट में पहुंचता है, तो शरीर को संकेत मिलता है कि पाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है। इसके जवाब में, बड़ी आंत की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बड़ी आंत में पहले से मौजूद मल आगे की तरफ खिसकने लगता है, और इसी वजह से व्यक्ति को शौच जाने की इच्छा महसूस होती है। इसलिए, भोजन के तुरंत बाद टॉयलेट जाना इस बात का संकेत नहीं है कि अभी खाया गया खाना शरीर से बाहर निकल रहा है। भोजन को पाचन तंत्र से गुजरने और मल बनने में काफी समय लगता है।
वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स हर व्यक्ति में एक जैसी ताकत से काम नहीं करता। कुछ लोगों में यह प्रतिक्रिया हल्की होती है, जबकि कुछ लोगों में भोजन के बाद आंतों की गतिविधि काफी बढ़ सकती है। सुबह के समय यह प्रभाव ज्यादा महसूस होना भी आम बात है। इसका एक कारण यह है कि रातभर खाली रहने के बाद जब पेट में भोजन पहुंचता है, तो पाचन तंत्र की गतिविधि दोबारा तेज हो जाती है। इसी दौरान बड़ी आंत भी सक्रिय होती है और शौच की इच्छा पैदा हो सकती है।
खाने की मात्रा और खाने का तरीका भी इस पर असर डाल सकता है। अगर कोई व्यक्ति एक बार में बहुत ज्यादा खाना खाता है, तो पेट ज्यादा भरता है और इसकी वजह से आंतों की हलचल बढ़ सकती है। बहुत तला-भुना, ज्यादा तेल वाला या भारी खाना खाने के बाद भी कुछ लोगों को जल्दी टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस हो सकती है। चाय या कॉफी जैसे पेय भी कुछ लोगों की आंतों को ज्यादा सक्रिय कर सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी एक भोजन का असर सभी लोगों पर एक जैसा नहीं होता।
अगर खाना खाने के बाद टॉयलेट जाने की जरूरत केवल कभी-कभार होती है और मल सामान्य रहता है, तो आमतौर पर इसे शरीर की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। चिंता तब बढ़ती है जब यह समस्या लगातार होने लगे और इसके साथ पेट दर्द, पेट में मरोड़, ज्यादा गैस या पेट फूलने जैसी परेशानी दिखाई दे। ऐसी स्थिति में इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आईबीएस) जैसी समस्या की संभावना देखी जा सकती है। इसमें आंतें कुछ ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं। खाना खाने के बाद पेट में हलचल बढ़ने पर ऐसे लोगों को तुरंत टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होती है। कुछ लोगों को दस्त की परेशानी होती है, जबकि कुछ लोगों को कब्ज हो सकता है। कई लोगों में दोनों समस्याएं अलग-अलग समय पर देखने को मिलती हैं।
अगर पेट की परेशानी के साथ बिना वजह वजन कम हो रहा है, मल में खून आ रहा है, रात में भी बार-बार टॉयलेट के लिए उठना पड़ता है या पेट में लगातार तेज दर्द रहता है, तो जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए। इन लक्षणों के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं।
--आईएएनएस
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