नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। खाना हमारे पूरे शरीर के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यह सिर्फ मात्र भोजन नहीं, बल्कि शरीर को चलाने का ईंधन है।
भोजन हमारे शरीर को ऊर्जा देता है और शरीर का विकास भी अच्छे तरीके से होता है, लेकिन कुछ लोग खाना खाने के बाद काम नहीं कर पाते क्योंकि शरीर में भारीपन लगता है और तेज नींद आती है। कुछ लोगों के लिए यह भारीपन इतना ज्यादा हो जाता है कि सीधा बिस्तर पकड़ लेते हैं, लेकिन यह आदत सही नहीं है।
आयुर्वेद के मुताबिक, जब भी हम खाना खाते हैं तो शरीर उस खाने को पचाने के लिए सारी ऊर्जा लगा देता है। इससे शरीर सुस्त पड़ जाता है और कुछ भी करने का मन नहीं करता। खाना पचाने में शरीर की बहुत अधिक ऊर्जा लगती है, और यही कारण है कि ऐसा लगता है कि अब बस सो जाएं, लेकिन ऐसे समय में बिस्तर पर लेट जाना या फिर सो जाना सेहत के लिए हानिकारक है। इसके लिए भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों में अच्छे से चबाकर खाएं, इससे पेट को पचाने में कम मेहनत करनी पड़ेगी।
इसके साथ ही खाना खाने के तुरंत बाद बैठे नहीं और न ही बिस्तर पर लेट जाएं। इससे पाचन क्रिया मंद हो जाती है और सुस्ती तेजी से शरीर को घेर लेती है। इसलिए कोशिश करें कि खाने के बाद थोड़ा टहलें। टहलने से खाना अच्छे से पचेगा, पेट में सड़ेगा नहीं और खाने का पूरा पोषण भी शरीर को मिलेगा।
अत्याधिक तनाव लेने से भी भोजन के बाद तेज नींद आती है। तनाव से पाचन प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है और खाना कम गति से पचता है। अधिक तनाव कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन को शरीर में अधिक कर देता है, जो नींद और शरीर की कमजोरी का कारण बनती है। ऐसे में खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने की कोशिश करें।
ओवरईटिंग की आदत भी इसके पीछे की मुख्य वजह हो सकती है। ज्यादा खाने से शरीर में भारीपन लगता है और शरीर सुस्त पड़ जाता है। इससे न सिर्फ सुस्ती महसूस होती है, बल्कि मन भी घबराने लगता है और कई बार उल्टी करने की नौबत भी आ जाती है। इसके साथ ही हल्का और सुपाच्य भोजन करे। भोजन जितना हल्का होगा, पचने में उतना ही कम समय लगेगा और पेट संबंधी परेशानियों से भी निजात मिलेगी।
--आईएएनएस
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